रुद्रपुर/दिनेशपुर: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के दिनेशपुर क्षेत्र में साइबर अपराधियों ने कानून को खुली चुनौती देते हुए पुलिस टीम पर जानलेवा हमला किया। हरियाणा से साइबर ठगों की तलाश में पहुंची पुलिस टीम और स्थानीय पुलिस पर आरोपियों ने उस समय हमला कर दिया जब वे संदिग्धों के घर दबिश देने पहुंचे थे। घटना इतनी खौफनाक थी कि आरोपियों ने हरियाणा पुलिस के एक दरोगा को कार के बोनट पर करीब 5 किलोमीटर तक घसीटा, जिससे पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
दबिश के दौरान हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, हरियाणा में दर्ज एक साइबर अपराध के मामले की कड़ियां दिनेशपुर से जुड़ी पाई गई थीं। इसी सिलसिले में हरियाणा पुलिस के एएसआई प्रेम कुमार अपनी टीम के साथ दिनेशपुर पहुंचे थे। स्थानीय पुलिस के सहयोग से जब टीम ने संदिग्ध भारत के घर पर दबिश दी, तो वहां मौजूद लोगों ने न केवल पुलिस को गुमराह किया, बल्कि देखते ही देखते भारी भीड़ जमा हो गई। माहौल को तनावपूर्ण होते देख पुलिस ने जब स्थिति संभालने की कोशिश की, तभी आरोपी एक कार में सवार होकर वहां पहुंचे।
कार के बोनट पर 5 किलोमीटर तक घसीटा
जब एएसआई प्रेम कुमार ने आरोपियों की कार को रोकने का प्रयास किया, तो चालक ने कार की रफ्तार बढ़ा दी। खुद को बचाने के लिए एएसआई बोनट पर लटक गए। इसके बावजूद आरोपियों ने गाड़ी नहीं रोकी और उन्हें तेज रफ्तार में घसीटते हुए मुख्य सड़क की ओर ले गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दरोगा को लगभग 4 से 5 किलोमीटर तक बोनट पर लटकाए रखा गया। इस दौरान आरोपियों ने कार के अंदर से ही उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकियां दीं। अंत में, चलती कार से उन्हें सड़क पर फेंक दिया गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार चल रहा है।
कानून व्यवस्था को खुली चुनौती
इस घटना ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। जिस तरह से पुलिस टीम पर हमला किया गया, वह केवल एक अधिकारी पर हमला नहीं बल्कि पूरे कानून व्यवस्था तंत्र को खुली चुनौती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अपराधियों में कानून का डर खत्म होता जा रहा है। घटना के बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
दिनेशपुर थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र बिष्ट ने बताया कि इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं जो क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं और आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का मानना है कि यह हमला एक संगठित साइबर अपराधी गिरोह का काम है, जो क्षेत्र में अपनी जड़ें जमाए हुए है।
पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वर्दी पर हाथ डालने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों की पहचान की जा चुकी है और जल्द ही सभी हमलावर सलाखों के पीछे होंगे।
