चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में आज एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने रविवार सुबह चेन्नई के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। विजय के साथ उनके मंत्रिमंडल के 9 अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की, जिससे राज्य में टीवीके के नेतृत्व वाली नई सरकार ने आधिकारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया है।
इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए स्टेडियम में जनसैलाब उमड़ पड़ा। समारोह में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीति के कई दिग्गज चेहरे शामिल हुए। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया। इसके अलावा फिल्म जगत की कई नामचीन हस्तियों और हजारों की संख्या में आए पार्टी कार्यकर्ताओं ने विजय का उत्साहवर्धन किया।
बहुमत का समीकरण और गठबंधन का साथ
2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के परिणाम बेहद दिलचस्प रहे हैं। 234 सीटों वाली विधानसभा में तमिलगा वेत्री कझगम सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। हालांकि, टीवीके अपने दम पर पूर्ण बहुमत के आंकड़े को छूने में सफल नहीं रही थी, लेकिन चुनाव नतीजों के तुरंत बाद राज्य के राजनैतिक समीकरण तेजी से बदले।
मुख्यमंत्री के रूप में विजय की राह तब आसान हुई जब कांग्रेस ने उन्हें बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान किया। इसके बाद कम्युनिस्ट पार्टियों, विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने भी विजय की लीडरशिप वाली सरकार को अपना समर्थन दे दिया। इस गठबंधन के साथ टीवीके ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया और राज्य में एक स्थिर सरकार बनाने का दावा पेश किया।

विपक्ष और समर्थकों का जमावड़ा
शपथ ग्रहण समारोह को शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। राहुल गांधी की मौजूदगी यह संकेत देती है कि भविष्य में राष्ट्रीय राजनीति और तमिलनाडु के इस नए गठबंधन के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिल सकता है। समारोह के दौरान स्टेडियम के भीतर और बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। समर्थकों में अपने पसंदीदा नेता को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर देखने का भारी उत्साह नजर आया।
मंत्रिमंडल में शामिल किए गए 9 मंत्रियों के नामों में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। माना जा रहा है कि विजय अपनी नई पारी में शिक्षा, रोजगार और सिनेमा जगत से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देंगे।
चुनौतियां और भविष्य की राह
मुख्यमंत्री के रूप में जोसेफ विजय के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती विभिन्न विचारधाराओं वाले दलों के गठबंधन को एक साथ लेकर चलना होगा। कांग्रेस और वामपंथी दलों के समर्थन से चल रही इस सरकार को जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना होगा। चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने ‘बदलाव’ का जो वादा किया था, उसे पूरा करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि विजय की प्रशासनिक कार्यशैली कैसी रहती है और वे विपक्ष के हमलों का सामना किस तरह करते हैं। फिलहाल, चेन्नई की सड़कों पर टीवीके कार्यकर्ताओं का जश्न जारी है और तमिलनाडु में एक नए राजनैतिक सूरज का उदय हो चुका है।
