हल्द्वानी (नैनीताल): उत्तराखंड की हल्द्वानी पुलिस ने एक बेहद शातिर और अनोखे तरीके से चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह ‘सपेरा’ बनकर कॉलोनियों में घूमता था और मौका पाकर बंद घरों के ताले तोड़कर लाखों की संपत्ति पर हाथ साफ कर देता था। एसएसपी नैनीताल मन्जूनाथ टीसी ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने हरिद्वार निवासी गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके कब्जे से लगभग 25 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवर और बर्तन बरामद किए गए हैं।

बीन की धुन पर रेकी, फिर आधी रात को वारदात
इस गैंग की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) ने पुलिस को भी हैरान कर दिया। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपी— प्रदीपनाथ उर्फ मंदीप, गुरविंदर और रोहितास उर्फ पोपे—दिन के उजाले में सपेरों का वेश धारण करते थे। वे हाथ में बीन और टोकरी लेकर हल्द्वानी की विभिन्न कॉलोनियों, विशेषकर मुखानी और हरिपुर मोतिया जैसे क्षेत्रों में घूमते थे।
रेकी करने का इनका तरीका बहुत सटीक था। सपेरा बनकर घूमने के दौरान ये उन घरों को निशाना बनाते थे जिनके मुख्य गेट पर ताले लटके होते थे। गिरोह के सदस्य यह सुनिश्चित करते थे कि घर में कोई मौजूद न हो। दिनभर रेकी करने के बाद, ये रात के अंधेरे में उन चिह्नित घरों में घुसते थे और कीमती सामान बटोर कर फरार हो जाते थे।
CCTV फुटेज और तकनीकी जांच से मिला सुराग
हाल ही में मुखानी थाना क्षेत्र के अंतर्गत चोरी की बड़ी वारदातों ने पुलिस की नींद उड़ा दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी मन्जूनाथ टीसी ने कोतवाली हल्द्वानी और मुखानी पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास के इलाकों के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। इसी दौरान एक संदिग्ध बाइक कैमरे में कैद हुई। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र के सक्रिय होने पर पुलिस को सूचना मिली कि गिरोह के सदस्य चोरी के माल के साथ शहर छोड़ने की फिराक में हैं।

बेल बाबा मंदिर के पास हुई गिरफ्तारी
मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने बेल बाबा मंदिर के पास घेराबंदी की। जैसे ही संदिग्ध बाइक सवार वहां पहुंचे, पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। तलाशी लेने पर उनके पास से भारी मात्रा में चोरी के आभूषण मिले, जिनमें कीमती मंगलसूत्र, सोने की अंगूठियां, चांदी की पायल और अन्य महंगे बर्तन शामिल थे। बरामद माल की अनुमानित कीमत बाजार में 25 लाख रुपए बताई जा रही है।
आरोपियों का प्रोफाइल और आपराधिक इतिहास
पकड़े गए तीनों आरोपी मूल रूप से हरिद्वार जिले के रहने वाले हैं:
- प्रदीपनाथ उर्फ मंदीप (गिरोह का मास्टरमाइंड)
- गुरविंदर
- रोहितास उर्फ पोपे
पुलिस अब इनके आपराधिक इतिहास (Criminal History) की गहराई से जांच कर रही है। एसएसपी ने अंदेशा जताया है कि इस गैंग ने न केवल हल्द्वानी, बल्कि उत्तराखंड के अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया होगा।
पुलिस टीम को नकद इनाम
इस चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाने और बड़ी बरामदगी करने वाली पुलिस टीम की पीठ थपथपाते हुए एसएसपी मन्जूनाथ टीसी ने 2,500 रुपए के नकद इनाम की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि पुलिस की मुस्तैदी के कारण एक बड़े गिरोह का सफाया संभव हो सका है।
जनता के लिए अपील
इस खुलासे के बाद पुलिस ने आम जनता से भी सतर्क रहने की अपील की है। एसएसपी ने कहा कि यदि घर के आसपास कोई भी संदिग्ध व्यक्ति फेरीवाले या सपेरे के रूप में बार-बार चक्कर लगाता दिखे, तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। साथ ही, घर से बाहर जाते समय पड़ोसियों को सूचित करें और संभव हो तो सुरक्षा के लिए आधुनिक कैमरों का उपयोग करें।
हल्द्वानी पुलिस की यह कामयाबी अपराधियों के लिए एक बड़ा संदेश है। सपेरा गैंग की गिरफ्तारी से क्षेत्र में चोरी की वारदातों पर लगाम लगने की उम्मीद है। फिलहाल, तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और बरामद माल को मालखाने में सुरक्षित रखवा दिया गया है।
