Rudrapur Cyber Crime News: रुद्रपुर में बाल यौन शोषण और अश्लील वीडियो शेयर करने पर बड़ा एक्शन, युवक पर मुकदमा दर्ज


रुद्रपुर में साइबर पुलिस का बड़ा एक्शन: बाल यौन शोषण का अश्लील वीडियो शेयर करने पर युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज

रुद्रपुर (उधम सिंह नगर):उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर से साइबर अपराध का एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र में सोशल मीडिया पर बाल यौन शोषण (Child Sexual Abuse) और अश्लील वीडियो साझा करने के आरोप में पुलिस ने एक स्थानीय युवक के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इस पूरे मामले का खुलासा भारत सरकार के गृह मंत्रालय और अंतरराष्ट्रीय बाल संरक्षण एजेंसी की सतर्कता के कारण हुआ है।

​डिजिटल स्पेस में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन बेहद गंभीर है, और इस कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि इंटरनेट पर की गई ऐसी कोई भी अवैध गतिविधि कानून की नजरों से बच नहीं सकती।

केंद्रीय गृह मंत्रालय और NCMEC की टिपलाइन से हुआ खुलासा

​यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) उधम सिंह नगर के कार्यालय को भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित ‘राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल’ (National Cyber Crime Reporting Portal) के माध्यम से एक बेहद संवेदनशील इनपुट मिला।

क्या है NCMEC? यह साइबर टिपलाइन रिपोर्ट NCMEC (नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन) के माध्यम से भेजी गई थी। NCMEC एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है जो इंटरनेट पर बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों और अश्लीलता पर नजर रखती है। जैसे ही किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी कोई संदिग्ध गतिविधि होती है, यह संस्था तुरंत संबंधित देश की केंद्रीय एजेंसियों को अलर्ट भेजती है।

साल 2023 में शेयर किया गया था आपत्तिजनक वीडियो

​प्राप्त साइबर टिपलाइन रिपोर्ट का जब पुलिस और तकनीकी टीम द्वारा गहनता से अवलोकन किया गया, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी युवक द्वारा 5 फरवरी 2023 को अपने सोशल मीडिया हैंडल से बाल अश्लीलता से जुड़े बेहद आपत्तिजनक वीडियो शेयर किए गए थे।

​जांच के दौरान टिपलाइन रिपोर्ट में दर्ज मोबाइल नंबर को जब ट्रैक किया गया, तो वह उसी सोशल मीडिया आईडी से लिंक पाया गया जिसके जरिए यह सामग्री इंटरनेट पर डाली गई थी।

पेन ड्राइव की जांच में मिले पुख्ता सबूत

​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साक्ष्यों को जुटाना शुरू किया। साइबर टिपलाइन से प्राप्त डेटा से जुड़ी एक पेन ड्राइव को जब थाना कार्यालय के कंप्यूटर पर चलाकर देखा गया, तो उसमें कुल तीन डिजिटल फाइलें मौजूद थीं।

  • ​इन फाइलों में संदिग्ध व्यक्ति की फोटो शामिल थी।
  • ​इसके साथ ही वीडियो फाइलें भी थीं, जिसमें एक नाबालिग बालक और बालिका को बेहद आपत्तिजनक व यौन कृत्यों में लिप्त दिखाया गया था।
  • ​डिजिटल फुटप्रिंट्स और तकनीकी डेटा पूरी तरह से आरोपी की संलिप्तता की ओर इशारा कर रहे थे।

एसडीआर (SDR) रिपोर्ट से खुला आरोपी का पता

​पुलिस ने जब संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़े मोबाइल नंबर की एसडीआर (Subscriber Detail Record) रिपोर्ट निकाली, तो सिम कार्ड रुद्रपुर के ही एक युवक के नाम पर पंजीकृत पाया गया। नाम और पते की पुष्टि होते ही पुलिस ने तत्काल कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी।

मुख्य बिंदुमामले का विवरण
घटना का स्थानरुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र, उधम सिंह नगर (उत्तराखंड)
नोडल एजेंसीराष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (गृह मंत्रालय) व NCMEC
अपराध की प्रकृतिसोशल मीडिया पर बाल अश्लीलता (Child Pornography) फैलाना
लागू कानूनी धाराआईटी एक्ट (Information Technology Act) की धारा 67B

आईटी एक्ट की धारा 67B के तहत मुकदमा दर्ज

​प्रथम दृष्टया मामला पूरी तरह से बाल अश्लीलता और नाबालिगों के डिजिटल शोषण से जुड़ा हुआ पाया गया। भारतीय कानून के तहत इंटरनेट पर बच्चों से संबंधित किसी भी प्रकार की अश्लील सामग्री देखना, उसे स्टोर करना या शेयर करना एक बेहद गंभीर और गैर-जमानती अपराध है।

​इसी के तहत रुद्रपुर पुलिस ने इसे सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 67B के अंतर्गत दंडनीय अपराध मानते हुए आरोपी युवक के खिलाफ सुसंगत और गंभीर धाराओं में अभियोग (FIR) पंजीकृत कर लिया है। पुलिस ने मामले की अग्रिम और विस्तृत विवेचना शुरू कर दी है।

क्या कहती है पुलिस?

​इस पूरे मामले के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए रुद्रपुर के एसएसआई (Senior Sub-Inspector) अनिल जोशी ने बताया:

​”हमें गृह मंत्रालय के साइबर पोर्टल और NCMEC के माध्यम से एक संवेदनशील टिपलाइन रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। तहरीर और तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ रुद्रपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की बेहद गहनता से जांच कर रही है। आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल डिवाइस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है ताकि कोर्ट के समक्ष मजबूत चार्जशीट पेश की जा सके।”

इंटरनेट यूजर्स के लिए चेतावनी

​रुद्रपुर की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया या व्हाट्सएप जैसी जगहों पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री को फॉरवर्ड या शेयर करना भारी पड़ सकता है। साइबर एजेंसियां हर एक गतिविधि पर बारीक नजर रख रही हैं, और ऐसे मामलों में सीधे जेल की सजा का प्रावधान है।

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