नासिक (महाराष्ट्र): खुशियों के शोर के बीच पसरा सन्नाटा
नासिक।महाराष्ट्र के नासिक जिले से एक ऐसी मर्मांतक खबर सामने आई है जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। डिंडोरी तालुका के शिवाजीनगर इलाके में शुक्रवार की काली रात एक हंसते-खेलते परिवार के लिए काल बनकर आई। एक निजी कोचिंग क्लास के वार्षिक स्नेह सम्मेलन (Social Gathering) से लौटते समय हुए इस नासिक भीषण सड़क हादसा में एक ही परिवार के नौ लोगों की मौत हो गई, जिनमें छह छात्र भी शामिल थे।

समारोह की चमक, हादसे का अंधेरा
जानकारी के अनुसार, शिवाजीनगर स्थित राज बैंक्वेट हॉल में शुक्रवार शाम एक प्राइवेट कोचिंग संस्थान द्वारा सोशल गैदरिंग का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में छात्र और उनके अभिभावक बड़े उत्साह के साथ शामिल हुए थे। इंदौर गांव का ‘दरगोड़े परिवार’ भी अपनी अर्टिगा कार से इस कार्यक्रम की रौनक बढ़ाने पहुँचा था। रात करीब 10:00 बजे जब कार्यक्रम समाप्त हुआ, तो परिवार घर के लिए रवाना हुआ। लेकिन किसे पता था कि वेन्यू के पास स्थित एक खेत का कुआं उनकी मंजिल के बीच मौत का जाल बनकर खड़ा है। अंधेरे और अनियंत्रित हालात के कारण कार सीधे गहरे कुएं में जा गिरी।
रेस्क्यू ऑपरेशन में पानी बना बाधा
चीख-पुकार मचते ही स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण मौके पर पहुँच गए। ग्राम पंचायत की फायर ब्रिगेड, डिजास्टर मैनेजमेंट टीम और पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला। लेकिन कुआं लबालब भरा होने के कारण बचाव कार्य में भारी मशक्कत करनी पड़ी। पानी के दबाव और अंधेरे ने राहत कार्यों की गति धीमी कर दी। अंततः देर रात एक विशाल क्रेन की सहायता से कार को कुएं से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक कुदरत अपना क्रूर खेल खेल चुकी थी।
एक ही झटके में उजड़ गया दरगोड़े परिवार
इस दुखद समाचार ने डिंडोरी के हर घर में मातम फैला दिया है। मृतकों की पहचान राखी सुनील दरगोड़े, आशा अनिल दरगोड़े, सृष्टि अनिल दरगोड़े, सुनील दरगोड़े, श्रेयश दरगोड़े, माधुरी दरगोड़े, समृद्धि दरगोड़े, रेशमा दरगोड़े और श्रावणी दरगोड़े के रूप में हुई है। मरने वालों में छह छात्र थे, जिनके उज्ज्वल भविष्य के सपने एक पल में पानी के भीतर दफन हो गए।
प्रशासनिक कार्यवाही और शोक की लहर
डिंडोरी पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर भगवान मथुरे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है कि आखिर यह हादसा लापरवाही के कारण हुआ या कोई तकनीकी खराबी थी। शिवाजीनगर हादसा की खबर फैलते ही पूरे नासिक जिले में शोक की लहर दौड़ गई है।
यह महाराष्ट्र न्यूज आज हर किसी की आंखों में आंसू दे गई है। नौ लोगों की मौत की इस घटना ने सुरक्षा मानकों और खुले कुओं के खतरों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
