अल्मोड़ा (उत्तराखंड): उत्तराखंड में नशा तस्करों के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम में अल्मोड़ा पुलिस को एक और बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस को चकमा देने के लिए तस्करों द्वारा हर दिन अपनाए जा रहे नए-नए हथकंडों का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस बार नशा तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए एक बेहद महंगी और लग्जरी फॉर्च्यूनर (Fortuner) कार का सहारा लिया था। लेकिन मुस्तैद अल्मोड़ा पुलिस ने उनके मंसूबों पर पानी फेरते हुए दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से लाखों रुपये की अंतरराष्ट्रीय कीमत का अवैध गांजा बरामद किया गया है।
अल्मोड़ा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) चंद्रशेखर घोडके ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम लगातार क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों पर कड़ी नजर रख रही है, जिसके परिणामस्वरूप यह बड़ी सफलता मिली है।
चेकिंग के दौरान खुली तस्करों की पोल
एसएसपी चंद्रशेखर घोडके ने पत्रकार वार्ता में मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार (18 मई) को देघाट थाना पुलिस की टीम कानून व्यवस्था और नशा तस्करी की रोकथाम के लिए केदार उदयपुर रोड पर चेकिंग अभियान चला रही थी। पुलिस टीम जब ग्राम उदयपुर डोभरी गधेरा के पास वाहनों की सघन तलाशी ले रही थी, तभी वहां से एक सफेद रंग की लग्जरी फॉर्च्यूनर कार गुजरी।
वाहन की वीआईपी लुक और स्थिति को देखकर पुलिस टीम को कुछ शक हुआ। पुलिस कर्मियों ने जब कार को रोककर उसकी तलाशी शुरू की, तो कार के अंदर का नजारा देखकर सब दंग रह गए। फॉर्च्यूनर कार (रजिस्ट्रेशन संख्या- CH 01-AR-9289) की डिग्गी में बड़ी चालाकी से छुपाकर तीन बड़े कट्टे रखे गए थे। जब पुलिस ने इन कट्टों को खोलकर देखा तो उनमें भारी मात्रा में अवैध गांजा भरा हुआ था। पुलिस ने तुरंत वजन मशीन मंगवाकर जब बरामद गांजे का तौल कराया, तो कुल 54 किलो 450 ग्राम (54.450 Kg) अवैध गांजा बरामद हुआ।
रामनगर के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
एसएसपी ने बताया कि इस लग्जरी कार में सवार दोनों आरोपियों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान नीचे अनुसार हुई है:
- हिम्मत सिंह बोरा (उम्र 36 वर्ष): पुत्र – निवासी दुर्गापुरी, रामनगर, जिला नैनीताल।
- भरत रावत (उम्र 25 वर्ष): पुत्र – निवासी नई बस्ती, पुछड़ी, रामनगर, जिला नैनीताल।
पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही लाखों रुपये की फॉर्च्यूनर कार को मौके पर ही सीज (Seize) कर दिया है। इसके साथ ही दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना देघाट में स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस दोनों को कोर्ट में पेश कर आगे की वैधानिक रिमांड की कार्रवाई कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में 13.61 लाख रुपये है कीमत
पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए 54.450 किलो गांजे की गुणवत्ता बेहद उच्च स्तर की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस अवैध गांजे की अनुमानित कीमत 13 लाख 61 हजार रुपये से भी ज्यादा आंकी गई है। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि तस्कर यह गांजा पहाड़ी इलाकों से कहाँ से लेकर आ रहे थे और इसे मैदानी इलाकों में किसे सप्लाई किया जाना था।
एसएसपी चंद्रशेखर घोडके ने कहा कि पुलिस इन दोनों तस्करों के पूरे बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज (पूरे नेटवर्क) को खंगालने में जुट गई है। इस रैकेट में शामिल अन्य सफेदपोशों और तस्करों को भी जल्द ही बेनकाब किया जाएगा।
पुलिस टीम को नकद पुरस्कार की घोषणा
इस बड़ी कामयाबी और सजगता से ड्यूटी करने पर एसएसपी ने देघाट थाना पुलिस टीम की जमकर सराहना की है। पुलिस टीम का मनोबल बढ़ाने और उनकी पीठ थपथपाने के लिए एसएसपी चंद्रशेखर घोडके ने टीम को 1,000 रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। एसएसपी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अल्मोड़ा जिले में किसी भी हाल में नशे के अवैध कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा और अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
