रामनगर (नैनीताल):उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल रामनगर में होमस्टे व्यवसाय से जुड़े स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। हाल के दिनों में प्रशासन द्वारा होमस्टे व्यवसायों पर सख्ती बढ़ाए जाने के बाद, स्थानीय संचालकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर ‘रामनगर टैक्स बार एसोसिएशन’ के पदाधिकारियों से मुलाकात की है। इस बैठक में होमस्टे मालिकों ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को प्रमुखता से उठाया।
पंजीकरण और टैक्स नियमों से परेशान हैं संचालक
मुलाकात के दौरान होमस्टे संचालकों ने टैक्स बार के पदाधिकारियों को बताया कि उन्हें व्यवसाय के सुचारू संचालन में कई तरह की कानूनी और प्रशासनिक अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है। संचालकों ने विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर अपनी चिंताएं जाहिर कीं:
- होमस्टे पंजीकरण (Registration): रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में आ रही तकनीकी और कागजी जटिलताएं।
- कर व्यवस्था (Tax System): टैक्स नियमों और जीएसटी (GST) से जुड़ी उलझनें।
- खाद्य सुरक्षा मानक (Food Safety Standards): फूड लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा विभाग के कड़े नियम।
- प्रशासनिक सख्ती: अलग-अलग विभागों द्वारा समय-समय पर की जा रही औचक जांच और नोटिस।
टैक्स बार कराएगा विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम
होमस्टे संचालकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए रामनगर टैक्स बार के अध्यक्ष पूरण चंद्र पाण्डेय और उपसचिव मनु अग्रवाल ने उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। टैक्स बार के पदाधिकारियों ने घोषणा की है कि जल्द ही क्षेत्र में एक विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
टैक्स बार एसोसिएशन का उद्देश्य: इस प्रस्तावित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य होमस्टे संचालकों को नियमों के अनुरूप व्यवसाय संचालित करने, आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करने और सरकारी दिशा-निर्देशों की सही व सटीक जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि भविष्य में उन्हें किसी कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
सरकारी योजनाओं और स्वरोजगार पर रहेगा फोकस
इस जागरूकता कार्यक्रम में केवल नियमों की जानकारी ही नहीं दी जाएगी, बल्कि भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार द्वारा पर्यटन व स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही विभिन्न लाभकारी योजनाओं से भी संचालकों को रूबरू कराया जाएगा। इससे स्थानीय युवा और संचालक सरकारी सब्सिडी व लोन योजनाओं का लाभ उठाकर अपने होमस्टे व्यवसाय को और अधिक बेहतर और आधुनिक बना सकेंगे।
एक ही मंच पर जुटेंगे कई विभागों के बड़े अधिकारी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी है। इसमें उत्तराखंड शासन से जुड़े उच्च अधिकारियों, फूड इंस्पेक्टर, होमस्टे विभाग और पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित करने पर विचार किया जा रहा है। यदि ऐसा होता है, तो होमस्टे संचालकों को एक ही मंच पर अपने सभी विभागों से जुड़े सवालों के जवाब और समस्याओं का त्वरित समाधान मिल सकेगा।
स्थानीय होमस्टे संचालकों का मानना है कि टैक्स बार की यह पहल सराहनीय है। इस तरह के कार्यक्रमों से न केवल व्यवसाय में पारदर्शिता आएगी, बल्कि कानूनी प्रक्रियाओं को समझने में मदद मिलेगी, जिससे आखिरकार रामनगर क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नई मजबूती मिलेगी।
बैठक में ये रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण रणनीति को तैयार करने के लिए अधिवक्ताओं और होमस्टे मालिकों की एक संयुक्त बैठक रामनगर के एक स्थानीय रिसॉर्ट में आयोजित की गई। इस बैठक में टैक्स बार के पदाधिकारियों के साथ-साथ क्षेत्र के प्रमुख व्यवसायी और अधिवक्ता मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- प्रबल बंसल
- भूपाल रावत
- फिरोज अंसारी
- मनोज अग्रवाल
- लईक अहमद
- नावेद सैफी
- गुलरेज़ रज़ा
रामनगर में होमस्टे व्यवसाय स्थानीय आर्थिकी की रीढ़ बनता जा रहा है। ऐसे में प्रशासन की सख्ती के बीच टैक्स बार एसोसिएशन का आगे आना और जागरूकता कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करना एक सकारात्मक कदम है। इससे न केवल विवाद थमेंगे, बल्कि सरकारी नियमों के दायरे में रहकर रामनगर का पर्यटन उद्योग और अधिक फलेगा-फूलेगा।
