उत्तराखंड में कार्बेट टाइगर रिजर्व में प्रस्तावित हाथी गणना-2026 के लिए कुमाऊँ जोन का प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न
रामनगर,उत्तराखंड।कार्बेट टाइगर रिजर्व, रामनगर में आज दिनांक 14 मई 2026 को कुमाऊँ जोन के अधिकारियों एवं फील्ड स्टाफ के लिए प्रस्तावित हाथी गणना-2026 का प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारतीय वन्यजीव संस्थान (Wildlife Institute of India), देहरादून द्वारा प्रेषित निर्देशों के अनुसार आयोजित किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कार्बेट टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर और मुख्य वन संरक्षक, डॉ. साकेत बडोला (IFS) की अध्यक्षता में हुआ। प्रशिक्षण में कार्बेट टाइगर रिजर्व, रामनगर वन प्रभाग और तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अधिकारी एवं फील्ड स्टाफ ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया। इसके अतिरिक्त चम्पावत, नैनीताल, अल्मोड़ा, तराई पूर्वी, तराई केन्द्रीय, हल्द्वानी वन प्रभाग तथा कालागढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से प्रशिक्षण से जुड़े।

भारतीय वन्यजीव संस्थान के शोधकर्ताओं मुकेश चन्द्र, अंशुमन गोगोई और आशीष प्रसाद ने प्रशिक्षण में हाथी गणना की वैज्ञानिक पद्धतियों पर विस्तृत जानकारी दी। इसमें फील्ड डेटा संकलन, ट्रांजेक्ट सर्वे, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष साक्ष्यों के आधार पर हाथियों की गणना और आधुनिक तकनीकों के उपयोग की जानकारी दी गई। प्रशिक्षुओं को यह भी बताया गया कि गणना बीटवार 5 दिवस तक संचालित की जाएगी और मोबाइल फोन में M-Stripes Ecology ऐप के माध्यम से डेटा संकलित कर भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून को प्रेषित किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान हाथी संरक्षण और प्रबंधन के दृष्टिकोण से सटीक जनगणना के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला गया। यह पहल आगामी हाथी गणना को वैज्ञानिक, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से संपन्न कराने में मदद करेगी।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और हाथी गणना की आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों को सीखने में सक्रिय योगदान दिया। विशेषज्ञों ने बताया कि यह प्रशिक्षण हाथी संरक्षण और आंकड़ों की विश्वसनीयता को सुनिश्चित करने के लिए अहम है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर ने कहा कि प्रस्तावित हाथी गणना-2026 राज्य में हाथियों की वास्तविक संख्या और उनकी सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने प्रशिक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम कुमाऊँ जोन के वन अधिकारियों को हाथी गणना के आधुनिक उपकरणों और मोबाइल ऐप के उपयोग में दक्ष बनाएगा।
हाथी गणना-2026 का उद्देश्य न केवल हाथियों की संख्या का पता लगाना है बल्कि उनके संरक्षण और जीवन आवास को मजबूत करने के लिए डेटा प्रदान करना भी है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन से आगामी गणना का कार्य वैज्ञानिक, पारदर्शी और सटीक रूप से संपन्न होने की संभावना बढ़ गई है।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ. साकेत बडोला (IFS), फील्ड डायरेक्टर, कार्बेट टाइगर रिजर्व, रामनगर, राहुल मिश्रा (उप निदेशक, IFS), प्रकाश चन्द्र आर्या (IFS), प्रभागीय वनाधिकारी, तराई पश्चिमी और रामनगर वन प्रभाग, बिन्दर पाल (पार्क वार्डन, कार्बेट टाइगर रिजर्व), अमित ग्वासीकोटी (उप प्रभागीय वनाधिकारी, कालागढ़), अंकित बडोला (उप प्रभागीय वनाधिकारी, रामनगर), कामिनी आर्या (उप प्रभागीय वनाधिकारी, रामनगर), संदीप गिरी (उप प्रभागीय वनाधिकारी, तराई पश्चिमी), नवीन चन्द्र पाण्डे (वन क्षेत्राधिकारी, बिजरानी), संजय पाण्डे (वन क्षेत्राधिकारी, सर्पदुली), प्रकाश चन्द्र हर्बोला (वन क्षेत्राधिकारी, ढेला रेंज), उमेश आर्या (वन क्षेत्राधिकारी, ढिकाला), मुकेश चन्द्र, अंशुमन गोगोई, आशीष प्रसाद (WII) और अन्य अधिकारी तथा फील्ड स्टाफ उपस्थित रहे।
