सावधान! कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में सफारी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा; फर्जी एजेंट के खिलाफ BNS की धाराओं में FIR दर्ज

रामनगर (नैनीताल): विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (Corbett Tiger Reserve) की छवि को धूमिल करने और निर्दोष पर्यटकों की जेब पर डाका डालने वाले एक बड़े सफारी धोखाधड़ी (Safari Fraud) का भंडाफोड़ हुआ है। कॉर्बेट प्रशासन ने एक कथित फर्जी एजेंट के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है। यह कार्रवाई उन पर्यटकों की शिकायतों के बाद की गई है, जिन्हें सफारी और रात्रि विश्राम के नाम पर हजारों रुपये का चूना लगाया गया।

कैसे बुना गया धोखाधड़ी का जाल?

​जांच में सामने आया है कि फरमान अली उर्फ (फरमान-नोशु), निवासी शक्तिनगर (रामनगर), योजनाबद्ध तरीके से पर्यटकों को अपना शिकार बना रहा था। आरोपी ने खुद को अधिकृत बुकिंग एजेंट के रूप में स्थापित करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। उसने Facebook ID (Corbettvender), Instagram ID (naija_jungle_safari) और एक वेबसाइट (www.naijaungleisafari.com) के माध्यम से पर्यटकों को गुमराह करना शुरू किया।

​डिजिटल युग में तकनीक का दुरुपयोग करते हुए, उक्त व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर आकर्षक विज्ञापन और पैकेज डालकर पर्यटकों को फेक बुकिंग अलर्ट (Fake Booking Alert) के जाल में फंसाया। वह खुद को आधिकारिक सूत्र बताकर पर्यटकों का विश्वास जीतता था और बुकिंग के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूलता था।

फर्जी परमिट और लाखों की ठगी

​इस पर्यटन घोटाला (Tourism Scam) का शिकार बने दिल्ली निवासी निखिल मेहरा ने सबसे पहले इस मामले में आवाज उठाई। उन्होंने बताया कि उन्हें कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में सफारी के नाम पर फर्जी दस्तावेज थमा दिए गए। इसी तरह, पुणे (महाराष्ट्र) की ‘जंगल बेल्स’ की पार्टनर श्रीमती हेमांगी विक्रांत वर्तक के साथ भी बड़ी धोखाधड़ी हुई।

​श्रीमती वर्तक के साथ आरोपी ने 1,20,000 रुपये का पैकेज तय किया और 20,000 रुपये अग्रिम राशि अपने निजी बैंक खाते (Indian Overseas Bank) में मंगवा ली। आरोपी ने बकायदा कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के लोगो वाले फर्जी परमिट दस्तावेज तैयार किए, ताकि पर्यटकों को जरा भी संदेह न हो। हालांकि, जब पर्यटक वास्तविक स्थल पर पहुंचे, तो वहां उनके नाम की कोई वैध बुकिंग मौजूद नहीं थी। इस घटना से पर्यटकों को न केवल आर्थिक क्षति हुई, बल्कि उन्हें भारी मानसिक प्रताड़ना का भी सामना करना पड़ा।

प्रशासन की सख्त कार्रवाई और कानूनी शिकंजा

​मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के इको टूरिज्म यूनिट के वन क्षेत्राधिकारी ललित मोहन आर्य ने मोर्चा संभाला। उन्होंने रामकृष्ण नगर (Ramnagar Police) कोतवाली में आरोपी के खिलाफ विधिवत तहरीर दी।

​पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी फरमान अली के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं 338, 336(3), 340(2) के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के कृत्यों से Uttarakhand Tourism और कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की वैश्विक छवि को गहरा धक्का लगता है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पर्यटकों के लिए एडवाइजरी

​कॉर्बेट प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत वेबसाइट या सोशल मीडिया पेज के माध्यम से बुकिंग न करें। सफारी और रात्रि विश्राम के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल का ही उपयोग करें। किसी भी व्यक्ति के निजी खाते में धनराशि स्थानांतरित करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य कर लें।

Travel Safety को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन अब सोशल मीडिया पर सक्रिय अन्य संदिग्ध अकाउंट्स की भी निगरानी कर रहा है ताकि भविष्य में किसी भी पर्यटक को इस तरह के Safari Fraud का सामना न करना पड़े। Nainital News और आसपास के क्षेत्रों में इस कार्रवाई के बाद अवैध बुकिंग संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।

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