देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में मानसूनी बारिश आफत बनकर बरस रही है। पहाड़ से लेकर मैदान तक लगातार हो रही मुसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के देहरादून केंद्र ने राज्य के 8 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए ऑरेंज और यलो अलर्ट घोषित किया है। मौसम के तल्ख तेवरों को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद है और पौड़ी गढ़वाल जिले में सभी सरकारी, गैर-सरकारी व निजी स्कूलों सहित आंगनबाड़ी केंद्रों में एहतियातन छुट्टी घोषित कर दी गई है।
पौड़ी में दर्दनाक हादसा: मकान ढहने से 3 की मौत
पौड़ी गढ़वाल के महरगांव से एक दुखद खबर सामने आई है, जहाँ भारी बारिश के बाद हुए भीषण भूस्खलन की चपेट में एक दो मंजिला मकान आ गया। मलबे के साथ मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया, जिसमें एक ही परिवार के 4 लोग दब गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और रेस्क्यू टीम ने तत्परता दिखाते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मलबे से एक महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन तीन लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान टीम ने 2 साल के मासूम बच्चे, 46 वर्षीय व्यक्ति और 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला का शव बरामद किया है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

उत्तरकाशी में मलबे में बही कार, बाल-बाल बचे 3 लोग
एक अन्य घटना उत्तरकाशी के मनेरा बाईपास पर सामने आई। उत्तरकाशी की ओर आ रही एक कार अचानक हुए भूस्खलन की चपेट में आ गई। पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरते देख कार में सवार तीन लोगों ने समय रहते कार से कूदकर अपनी जान बचाई। कुछ ही पलों में मलबे का भारी सैलाब कार को बहाकर सीधे उफनती नदी में ले गया। गनीमत यह रही कि यात्रियों की सजगता से एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
124 सड़कें बंद, उफान पर नदियाँ
लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रदेशभर में 124 सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिससे दर्जनों गांवों का संपर्क कट गया है। बंद पड़ी सड़कों में 1 राष्ट्रीय राजमार्ग (BRO), 2 स्टेट हाईवे और 121 ग्रामीण मोटर मार्ग शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग और सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें मशीनों के जरिए मार्ग खोलने के प्रयास में जुटी हुई हैं।
इसके अलावा अलकनंदा, मंदाकिनी, गंगा और भागीरथी समेत राज्य की तमाम प्रमुख नदियाँ और उफनाते नाले चेतावनी स्तर के करीब बह रहे हैं। कई निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई है। बिजली के पोल और पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त होने से कई क्षेत्रों में बिजली व पानी की सप्लाई भी ठप हो चुकी है।
राजधानी देहरादून का हाल
देहरादून में आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। कुछ इलाकों में तेज बारिश के दौर भी आ सकते हैं। शहर का अधिकतम तापमान 30°C और न्यूनतम तापमान 23°C के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है।
अगले 3 दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड में बारिश का यह दौर फिलहाल थमने वाला नहीं है:
- 20 अगस्त: रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल और देहरादून जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
- 21 अगस्त: टिहरी, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और देहरादून में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है।
- 22 अगस्त: रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों में तेज बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
प्रशासन ने संवेदनशील और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। साथ ही श्रद्धालुओं और यात्रियों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम का अपडेट देखकर ही सफर की योजना बनाएं।