हरिद्वार जिले से 80 से अधिक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ली कांग्रेस की सदस्यता, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने दिलाई शपथ
देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की सुगबुगाहट तेज होते ही राजनीतिक दलों ने अपना कुनबा बढ़ाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में राजधानी देहरादून स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में एक बड़ा सियासी फेरबदल देखने को मिला। हरिद्वार जिले के रानीपुर, पिरान कलियर और ज्वालापुर समेत विभिन्न क्षेत्रों से आए बीजेपी और अन्य सामाजिक संगठनों से जुड़े 80 से अधिक प्रमुख लोगों ने कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान सभी नए सदस्यों को पार्टी का पटका और माला पहनाकर औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल कराया। चुनाव से ठीक पहले हरिद्वार जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिले से इतने बड़े पैमाने पर नेताओं का कांग्रेस में आना बीजेपी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

बीजेपी सरकार की नीतियों से त्रस्त हो चुकी है जनता: गणेश गोदियाल
सदस्यता ग्रहण समारोह के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सत्ताधारी बीजेपी सरकार पर तीखे हमले बोले। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में विभिन्न विचारधाराओं और संगठनों से जुड़े लोगों का कांग्रेस की ओर आना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि उत्तराखंड की जनता बीजेपी के कुशासन और जनविरोधी नीतियों से पूरी तरह ऊब चुकी है।
गणेश गोदियाल ने नए सदस्यों को बधाई देते हुए याद दिलाया कि पार्टी में शामिल होने के बाद अब उनकी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अब बिना समय गंवाए सीधे जनता के बीच जाएं और बीजेपी शासन की असफलताओं को उजागर करें।
”बीजेपी के शासनकाल में प्रदेश में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और महिला उत्पीड़न की घटनाओं में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि अब आम जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों और मताधिकार को भी कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।”
— गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष (उत्तराखंड कांग्रेस)
सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष का ऐलान
दिल्ली रवाना होने से ठीक पहले कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र, संविधान और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि पार्टी जनता की आवाज बनकर सड़क से लेकर विधानसभा के सदन तक मजबूती से संघर्ष जारी रखेगी।
उन्होंने सभी नए और पुराने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे आपसी एकजुटता के साथ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाएं। उन्होंने कहा कि 2027 का चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि उत्तराखंड के भविष्य और अस्मिता को बचाने का चुनाव है।

इन प्रमुख चेहरों ने थामा कांग्रेस का ‘हाथ’
हरिद्वार जिले में कांग्रेस का कुनबा मजबूत करने में मनोज धनगर की अहम भूमिका रही, जिनके नेतृत्व में विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस में शामिल होने वाले प्रमुख लोगों में शामिल हैं:
- शशी पाल — जिला संयोजक (हिंदू जागरण मंच, आयाम)
- दीपक पाल — रानीपुर ब्लॉक संयोजक (हिंदू जागरण मंच)
- विनीत पाल — अध्यक्ष (सिडकुल)
- अन्य प्रमुख सदस्य: प्रदीप पाल, अजय पाल, जाहिद अली, सुखपाल, बॉबी चौधरी, कर्मवीर पाल और नीटू चौधरी।
कांग्रेस में शामिल हुए इन सभी नेताओं ने एक सुर में कहा कि वे पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने और आगामी चुनाव में पार्टी को जीत दिलाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम करेंगे।
2027 के महासंग्राम की उल्टी गिनती शुरू
उत्तराखंड की वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2027 में समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि फरवरी या मार्च 2027 में प्रदेश में नई सरकार चुनने के लिए मतदान होगा। समय कम होने के कारण राज्य के दोनों प्रमुख दल (कांग्रेस और बीजेपी) अभी से अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब विपक्षी दल बीजेपी में सेंध लगाने में कामयाब रहा हो। इससे पहले भी श्रीनगर गढ़वाल से बीजेपी ओबीसी मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष दिनेश पंवार समेत कई अन्य स्थानीय नेता कांग्रेस का दामन थाम चुके हैं। हरिद्वार जैसे मैदानी जिले में हुए इस नए सियासी उलटफेर ने प्रदेश की राजनीति में चुनावी गर्माहट बढ़ा दी है।