Delhi Protest 2026: जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले भारी उथल-पुथल, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और ध्रुव राठी समेत 500 से अधिक हिरासत में
नई दिल्ली।दिल्ली में शनिवार को लोकतंत्र, चुनावी सूची में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञान कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया है। जंतर-मंतर पर होने वाले प्रस्तावित प्रदर्शन से ठीक पहले राजधानी में अभूतपूर्व सुरक्षा बंदोबस्त और प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) और उनके साथी कार्यकर्ताओं सौरभ दास (Saurav Das) तथा आशुतोष रंका (Ashutosh Ranka) को दिल्ली पुलिस ने शनिवार को नई दिल्ली उतरते ही विमान के अंदर से ही हिरासत में ले लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर महिला पुलिस कर्मियों की एक टीम विमान के भीतर पहुंची और तीनों को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के दौरान अभिजीत दीपके ने बेबाक अंदाज में कहा कि वे खुद गिरफ्तारी देने आए हैं और वे किसी से डरते नहीं हैं। यह पूरी कार्रवाई तब हुई जब वे और उनकी टीम जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाली थी। हालांकि, प्रशासन ने इस विरोध प्रदर्शन के लिए अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया था और सार्वजनिक व्यवस्था का हवाला देते हुए कड़े प्रतिबंध लागू किए थे।
इस विरोध प्रदर्शन का आह्वान CJP, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और अन्य छात्र व राजनीतिक संगठनों ने संयुक्त रूप से किया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) में भारी अनियमितताएं बरती गई हैं, जिसके विरोध में यह राष्ट्रव्यापी और राजधानी केंद्रित आंदोलन खड़ा किया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, अभिजीत, सौरभ और आशुतोष के अलावा शनिवार सुबह से अब तक कम से कम 500 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। इस कड़ी कार्रवाई की चपेट में देश के जाने-माने कंटेंट क्रिएटर ध्रुव राठी (Dhruv Rathee) और काव्या कर्नाटक (Kavya Karnatac) भी आ गए हैं। CJP के सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके घर से पुलिस ने हिरासत में लिया, जबकि काव्या कर्नाटक को धौला कुआं के पास सुरक्षा बलों द्वारा जबरन बस में खींचते हुए देखा गया।
राजधानी में प्रशासन द्वारा किए गए सुरक्षा प्रबंधों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली के चप्पे-चप्पे पर लगभग 25,000 पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के संवेदनशील इलाकों में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात हैं और बड़े पैमाने पर बैरिकेडिंग की गई है। इसके अलावा, मध्य दिल्ली के कम से कम 45 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट को पूरी तरह प्रतिबंधित या सीमित कर दिया गया है।
यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन सहित प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर आने वाली ट्रेनों को विनियमित, डायवर्ट या रद्द कर दिया गया है। उत्तर रेलवे के ताजा इनपुट के अनुसार कम से कम 250 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है। इसके साथ ही, जंतर-मंतर के आसपास के इलाकों में ऐप-आधारित टैक्सियों और अन्य सार्वजनिक परिवहन के पहिये भी थम गए हैं, जिससे रोजमर्रा के यात्रियों और सैलानियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका के चलते विरोध क्षेत्र और उसके आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह से निलंबित कर दिया है। दिल्ली की सीमाओं, बस अड्डों और रेलवे टर्मिनलों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें हिरासत में लिया जाएगा।
दूसरी ओर, CJP और अन्य आयोजक संगठनों ने सरकार और पुलिस के इन कदमों को तानाशाही करार देते हुए तीखी आलोचना की है। उनका कहना है कि सरकार जनता की आवाज को दबाने और लोकतांत्रिक प्रदर्शन के अधिकार को छीनने के लिए पुलिस बल का बेजा इस्तेमाल कर रही है। वहीं, पुलिस प्रशासन का पक्ष है कि बिना अनुमति के बड़े पैमाने पर भीड़ जुटने से शहर की सुरक्षा और जनजीवन पर गंभीर असर पड़ सकता था, इसलिए ये सुरक्षा उपाय बेहद जरूरी थे।
यह पूरा घटनाक्रम हाल ही में दिल्ली में हुए कई INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शनों के बाद सामने आया है। चुनाव आयोग विवाद से जुड़े मार्च के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई विपक्षी सांसदों को भी हिरासत में लिया गया था। इस राजनीतिक गतिरोध के बीच विपक्षी दलों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति में सरगर्मी और तेज होने के पूरे आसार हैं।