देहरादून।भारतीय तटरक्षक बल और हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट (HMI) दार्जिलिंग के संयुक्त पर्वतारोहण अभियान दल ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 7,045 मीटर ऊंचे माउंट मुकुट ईस्ट का सफल आरोहण कर लिया है। यह भारतीय तटरक्षक बल के इतिहास में पहली बार हुआ है जब किसी दल ने 7,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली पर्वत चोटी पर तिरंगा फहराया हो। इस सफलता के बाद मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे अभियान दल का भव्य स्वागत किया गया और फ्लैग-इन समारोह आयोजित किया गया।
HMI के प्राचार्य कर्नल रजनीश जोशी के नेतृत्व में इस संयुक्त दल ने दुर्गम और चुनौतीपूर्ण हिमालयी परिस्थितियों का सामना करते हुए इस शिखर को फतह किया। उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 गौरवशाली वर्षों को समर्पित इस अभियान के दौरान पर्वतारोहियों ने माउंट मुकुट ईस्ट के शिखर पर 2,500 वर्ग फुट का विशाल उत्तराखंड ध्वज भी फहराया। इस ऐतिहासिक पल ने पूरे देश और प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
फ्लैग-इन कार्यक्रम के दौरान अभियान दल के सदस्यों की सराहना करते हुए कहा गया कि हिमालय की कठिन परिस्थितियों में यह सफलता पर्वतारोहियों के अदम्य साहस, अनुशासन और बेहतरीन टीम भावना को दर्शाती है। उत्तराखंड की पहचान हमेशा से शौर्य, साहस और समृद्ध पर्वतारोहण परंपरा से जुड़ी रही है। इस तरह के साहसिक अभियान युवाओं में कठिन परिश्रम, अनुशासन और अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पण की एक नई प्रेरणा जगाते हैं।
कर्नल रजनीश जोशी ने अभियान की पूरी यात्रा साझा करते हुए बताया कि भारतीय तटरक्षक बल वर्ष 2027 में अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे करने जा रहा है। स्वर्ण जयंती के अवसर पर प्रस्तावित ‘माउंट एवरेस्ट अभियान’ की तैयारियों के सिलसिले में ही इस पर्वतारोहण अभियान को रूप दिया गया था। इसके लिए पर्वतारोहियों के कड़े चयन और विशेष प्रशिक्षण की जिम्मेदारी HMI दार्जिलिंग को सौंपी गई थी।
यह अभियान 15 सितंबर से 9 अक्टूबर के बीच सफलतापर्वक संचालित किया गया। इससे पहले इस दल ने सिक्किम हिमालय में माउंट बी.सी. रॉय और माउंट थिंचेनखांग का भी सफल आरोहण किया था। इन तमाम अभियानों से पर्वतारोहियों को उच्च हिमालयी क्षेत्रों की मुश्किल जलवायु में ढलने, तकनीकी दक्षता बढ़ाने और बेहतरीन आपसी तालमेल बिठाने का मूल्यवान अनुभव मिला है। यह तमाम अनुभव आने वाले वर्ष 2027 के माउंट एवरेस्ट मिशन को सफल बनाने में बहुत काम आएंगे।
इस खास मौके पर भारतीय तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारी जैसे अपर महानिदेशक आनंद प्रकाश बडोला, उप महानिरीक्षक हिमांशु नौटियाल, उप महानिरीक्षक डी.एस. चौहान, कमांडेंट अमित उनियाल, कमांडेंट विश्वजीत सिंह और HMI के पासांग तेनजिंग शेरपा सहित पूरा अभियान दल मौजूद रहा। इस ऐतिहासिक सफलता से देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा करने वाले तटरक्षक बल के जवानों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे जमीन से लेकर आसमान और ऊंचे पहाड़ों तक हर मोर्चे पर देश का मान बढ़ाने में पूरी तरह सक्षम हैं।