हल्द्वानी। कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनके अमूल्य योगदान को सराहने के उद्देश्य से हल्द्वानी ब्लॉक सभागार में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ‘राष्ट्रीय कृषि प्रसार एवं प्रौद्योगिकी मिशन’ (नेमेट) की ‘आत्मा परियोजना’ के अंतर्गत ‘अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026’ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसमें क्षेत्र की अनेक महिला किसानों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
महिला किसानों की भूमिका को मजबूत बनाने पर जोर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने रेखांकित किया कि अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष मनाने का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में महिलाओं की मेहनत को पहचान देना, उन्हें सम्मानित करना और खेती-किसानी में उनकी भूमिका को और अधिक सशक्त बनाना है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली महिलाएँ खेती, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, बीज संरक्षण, सब्जी उत्पादन और जैविक (ऑर्गेनिक) खेती को बढ़ावा देकर आजीविका में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद कई बार उनके योगदान को वह पहचान नहीं मिल पाती जिसकी वे हकदार हैं। इस तरह के आयोजनों के माध्यम से महिला किसानों को प्रोत्साहित करने, उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देने और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में महिलाओं का बढ़ता दायरा
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाएँ कृषि क्षेत्र का एक अनिवार्य और महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं। फसल उत्पादन से लेकर पशुपालन, कृषि वानिकी, मत्स्य पालन और बागवानी जैसे क्षेत्रों में उनकी सक्रियता लगातार बढ़ रही है।
इतना ही नहीं, फसल की कटाई से पूर्व की तैयारियों से लेकर कटाई के बाद के प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन (मार्केटिंग) तक में महिलाओं की विशेष भूमिका है। महिला किसान भारत की कृषि प्रगति को नई गति दे रही हैं। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से अब महिलाओं की पहुँच आधुनिक संसाधनों, उन्नत तकनीकों और बड़े बाजारों तक आसान हो रही है, जिससे उनकी भागीदारी और अधिक मजबूत हो रही है।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला किसान हुईं सम्मानित
कार्यशाला के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर और प्रेरणादायक कार्य करने वाली महिला किसानों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया:
- पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र: उत्कृष्ट कार्य के लिए मंजू तिवारी को प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।
- कृषि क्षेत्र: उन्नत खेती के लिए दीपा लोशज्ञानी को सम्मानित किया गया।
- पशुपालन क्षेत्र: बेहतर प्रबंधन और कार्य के लिए किरन रावत को प्रमाण-पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
कार्यशाला में गणमान्य लोगों की उपस्थिति
इस एक दिवसीय कार्यशाला में प्रशासनिक अधिकारियों, कृषि व उद्यान विशेषज्ञों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शिरकत की। कार्यक्रम में ब्लॉक विकास अधिकारी, मुख्य कृषि अधिकारी, सहायक परियोजना निदेशक, सहायक उद्यान अधिकारी, क्षेत्रीय युवा मंगल दल के पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे। इसके साथ ही क्षेत्र की बड़ी संख्या में महिला किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आधुनिक खेती के गुर सीखे।