नैनीताल। देवभूमि उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन जिले नैनीताल में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से सख्त रुख अपनाए हुए है। जिले में शांति व्यवस्था में खलल डालने वाले और माहौल खराब करने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ लगातार बड़ी कार्रवाइयां की जा रही हैं। इसी कड़ी में प्रशासन ने गुंडा एक्ट के तहत सख्त कदम उठाते हुए 4 और शातिर व्यक्तियों को जिला बदर (जनपद की सीमा से बाहर) कर दिया है।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के कड़े निर्देशों पर की जा रही इस कार्रवाई से जिले के आपराधिक तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन की ओर से साफ़ संदेश दिया गया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
इन 4 आरोपियों पर गिरी प्रशासन की गाज
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विवेक राय की अदालत द्वारा सुनाए गए फैसले के तहत जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय 4 शातिर अपराधियों पर जिला बदर की कार्रवाई की गई है:
- शाहनवाज अंसारी उर्फ आतू (निवासी: बनभूलपुरा): गंभीर मामलों और आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए 6 महीने के लिए जिला बदर।
- अभिमन्यु सागर उर्फ सन्नी सागर: 3 महीने के लिए जिले की सीमा से बाहर किया गया।
- रिजवान इलियास: 2 महीने की अवधि के लिए जिला बदर।
- विष्णु आरव (निवासी: बिंदुखत्ता): 2 महीने के लिए जिले की सीमा से निष्कासित।
प्रशासन के आदेश के अनुसार, इन सभी आरोपियों को तय की गई अवधि के दौरान नैनीताल जिले की सीमाओं से बाहर रहना होगा। यदि कोई भी आरोपी आदेश का उल्लंघन करते हुए जिले में प्रवेश करता है या पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत बेहद कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
10 महीने में 98 अराजक तत्वों पर बड़ा एक्शन
नैनीताल जिला प्रशासन के आंकड़े बताते हैं कि जिले को अपराध मुक्त बनाने और पर्यटकों व आम नागरिकों के बीच सुरक्षा का माहौल पैदा करने के लिए कितना बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है।
इस साल 1 जनवरी से लेकर 8 अक्टूबर तक कुल 98 अराजक और असामाजिक तत्वों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत जिला बदर की कार्रवाई पूरी की जा चुकी है। इतने कम समय में 100 के करीब अपराधियों पर जिला बदर का एक्शन यह साफ दर्शाता है कि प्रशासन अपराध पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है।
कानून का राज कायम रखना प्राथमिकता
अपर जिलाधिकारी प्रशासन विवेक राय ने स्पष्ट किया कि जिले में विकास कार्यों की गति को बनाए रखने के साथ-साथ आम जनता की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के दिशा-निर्देशों में प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ मुस्तैद है।
जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए समय-समय पर ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़े कदम उठाना बेहद जरूरी हो जाता है। नैनीताल एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल है, जहाँ हर दिन हजारों की संख्या में देश-विदेश से लोग आते हैं। ऐसे में जिले की फिज़ा खराब करने वाले किसी भी तत्व के लिए नैनीताल में कोई जगह नहीं है। प्रशासन का यह अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।