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- मंदिर में एंट्री-एग्जिट का अलग रूट और समय में बदलाव का खाका
- भवाली से कैंची धाम सड़क चौड़ीकरण और वैकल्पिक रास्तों का बड़ा प्लान
- ज्योलीकोट डायवर्जन और नई पार्किंग से सुगम होगी पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा
हल्द्वानी/काठगोदाम: नीम करोली बाबा के विश्व प्रसिद्ध आश्रम कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं और कुमाऊं के पर्वतीय जिलों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। कैंची धाम मार्ग पर आए दिन लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर बदलाव और नए ट्रैफिक रूट तैयार करने की योजना बनाई गई है। काठगोदाम सर्किट हाउस में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पुलिस, आरटीओ, राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के साथ यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने का खाका खींचा गया।
पिछले दिनों कैंची धाम मार्ग पर बने जाम के हालातों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए साफ निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में यात्रियों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े। सबसे ज्यादा दिक्कत अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और दूर-दराज के पर्वतीय क्षेत्रों की तरफ जाने वाले यात्रियों को होती है। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए वैकल्पिक मार्गों के निर्माण पर काम तेज कर दिया गया है।
मंदिर दर्शन के नियम और समय में बदलाव की तैयारी
कैंची धाम में उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर व्यवस्थापन में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है:
- दर्शन का समय बदला जाएगा: मंदिर खोलने का समय सुबह 6 बजे की जगह सुबह 4 बजे करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि अलसुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो सके और दिन के वक्त मुख्य मार्ग पर भीड़ का दबाव न बने।
- वन-वे एंट्री और एग्जिट रूट: वर्तमान में मंदिर परिसर में प्रवेश और निकास के लिए एक ही रास्ता होने के कारण सड़क पर अचानक जाम की स्थिति बनती है। अब पार्किंग की तरफ से एक नया निकास द्वार बनाने की योजना है, जिससे दर्शनार्थी एक तरफ से प्रवेश करेंगे और दूसरी तरफ से बाहर निकलेंगे। इसके लिए मंदिर प्रशासन के साथ मिलकर व्यवस्था बनाई जा रही है।
रानीबाग में वैली ब्रिज और नए पार्किंग स्पॉट
नैनीताल और भीमताल मोड़ पर लगने वाले जाम से निपटने के लिए रानीबाग स्थित तिराहे पर एक नया वैली ब्रिज बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके बनने से नैनीताल की ओर आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी रहेगी।
साथ ही वाहनों की खड़ी गाड़ियों से होने वाली अव्यवस्था को रोकने के लिए:
- निगलाट पार्किंग प्रोजेक्ट: निगलाट के पास स्थित वन विभाग की नर्सरी की खाली जमीन पर नई पार्किंग बनाई जाएगी। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग और वन विभाग को तत्काल संयुक्त सर्वे की जिम्मेदारी दी गई है।
- गुलाबघाटी चौड़ीकरण: गुलाबघाटी के चौड़ीकरण का प्रस्ताव जल्द मंजूर कराकर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
- गौलापार-लालकुआं बाईपास: इस बाईपास का टेंडर हो चुका है और डेढ़ साल के भीतर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे भारी वाहनों को शहर के बाहर ही डायवर्ट किया जा सकेगा।
वैकल्पिक रास्तों से सुगम होगा अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ का सफर
पर्वतीय इलाकों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों को बेहतर बनाने के लिए कई नई योजनाओं पर मुहर लगी है:
- ज्योलीकोट रूट डायवर्जन: पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों को ज्योलीकोट के रास्ते भेजा जाएगा, ताकि कैंची धाम मुख्य मार्ग पर गाड़ियों का दबाव कम रहे।
- सड़कों का सुधार और चौड़ीकरण: भवाली से कैंची धाम सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव जल्द तैयार होगा। इसके अलावा पाटलीगांव से रातीघाट सड़क की खस्ताहाल स्थिति को सुधारने और सैनिटोरियम से पाटलीगांव मार्ग की मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं।
- टू-लेन और नए बाईपास: क्वारब से तल्ला रामगढ़ मार्ग को टू-लेन में तब्दील करने और कैंची धाम से हड़तप्पा तक नया वैकल्पिक मार्ग विकसित करने की योजना पर काम शुरू हो चुका है।
नो-पार्किंग जोन में वाहन पार्क न करने की अपील
पर्वतीय मार्गों पर अव्यवस्थित ढंग से खड़े किए गए वाहन जाम की सबसे बड़ी वजह बनते हैं। प्रशासन ने आम जनता और पर्यटकों से अपील की है कि वे सड़कों के किनारे वाहन न खड़े करें। गाड़ियों को केवल तयशुदा पार्किंग स्थलों पर ही पार्क करें और यातायात नियमों का पूरी तरह से पालन करें, ताकि कुमाऊं यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके।