रुद्रपुर के बाजपुर में भीषण ओलावृष्टि से फसलें तबाह: मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वेक्षण, अधिकारियों को जल्द राहत देने के सख्त निर्देश
रुद्रपुर/बाजपुर:शुक्रवार दोपहर बाजपुर और आसपास के इलाकों में अचानक बदले मौसम के मिजाज ने भारी तबाही मचाई। आसमान से बरसे ओलों ने देखते ही देखते खेतों में लहलहाती फसलों को चपेट में ले लिया। ओलावृष्टि के इस दौर से किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई और महीनों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आने लगा। प्राकृतिक आपदा के इस संकट में प्रशासनिक अमला सक्रिय होता, उससे पहले ही राज्य के मुखिया ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश की।
हल्द्वानी से देहरादून लौट रहे मुख्यमंत्री ने जैसे ही बाजपुर में भारी ओलावृष्टि की खबर सुनी, उन्होंने तुरंत अपने हेलीकॉप्टर का रुख प्रभावित इलाके की तरफ मोड़ दिया। मुख्यमंत्री ने पहले हवाई सर्वेक्षण कर आसमान से नुकसान का दायरा देखा और फिर बाजपुर में हेलीकॉप्टर उतारकर सीधे प्रभावित खेतों की जमीन पर पहुंचे।
खेतों में उतरकर जाना किसानों का दर्द
स्थलीय निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने सीधे किसानों के बीच पहुंचकर उनका हाल जाना। ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों को हाथ में लेकर उन्होंने किसानों से नुकसान की विस्तृत जानकारी ली। आपदा से सदमे में आए किसानों ने अपनी आपबीती और आर्थिक तंगी के अंदेशे से अवगत कराया।
किसानों की समस्याएं सुनने के बाद उन्हें आश्वस्त किया गया कि यह संकट केवल उनका नहीं, बल्कि पूरी सरकार का है। आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी ताकत के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। कानून और नियमों के तहत जो भी सर्वोत्तम सहायता संभव होगी, वह हर हाल में किसानों तक पहुंचाई जाएगी।
अधिकारियों को सख्त निर्देश: सर्वे में न हो देरी
निरीक्षण स्थल पर ही मुख्यमंत्री ने मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और कृषि विभाग की टीम की बैठक ली। अधिकारियों को कड़े शब्दों में हिदायत दी गई कि पूरे प्रभावित क्षेत्र का प्राथमिकता के आधार पर अविलंब सर्वे शुरू किया जाए।
- पारदर्शी आकलन: खेतों का मौका-मुआयना कर वास्तविक क्षति का सही रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाए।
- समयबद्ध कार्रवाई: सर्वे की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लालफीताशाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं होगी।
- त्वरित राहत: आकलन रिपोर्ट आते ही पात्र किसानों के खातों में नियमानुसार राहत राशि जल्द से जल्द ट्रांसफर की जाए।
आजीविका की सुरक्षा प्राथमिकता
सरकार का स्पष्ट मानना है कि किसान राज्य की रीढ़ हैं और उनकी आजीविका पर आया संकट पूरे राज्य का संकट है। आपदा से प्रभावित हर एक किसान की समस्या का समाधान प्राथमिकता पर किया जाएगा। अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी गई है।
बाजपुर के किसानों ने अचानक हुए इस दौरे और त्वरित कार्रवाई के लिए संतोष जताया है। अब सबकी नजरें प्रशासन द्वारा शुरू किए जा रहे सर्वे और उसके बाद मिलने वाली मुआवजा राशि पर टिकी हैं।