शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर राज्यव्यापी छुट्टी का आदेश
देहरादून।देवभूमि उत्तराखंड में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर बड़ा निर्णय लिया गया है। नवरात्रि के नवें दिन यानी महानवमी के शुभ अवसर पर सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को पूरे प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया है। राज्य सरकार के निर्देश पर जारी इस आदेश के बाद प्रदेश भर के सभी सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान और संबंधित प्रतिष्ठान इस दिन बंद रहेंगे। इस फैसले से आम नागरिकों और श्रद्धालुओं को नवरात्रि का महापर्व पूरे उत्साह, आस्था और पारिवारिक सौहार्द के साथ मनाने का अवसर मिलेगा।
महानवमी के पावन पर्व पर पूरे राज्य के नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी गई हैं। राज्य की ओर से समस्त प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की मंगल कामना की गई है। पर्व के इस दौर में शासकीय स्तर पर लिए गए इस फैसले का जनसामान्य ने व्यापक स्वागत किया है।

नारी शक्ति और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है नवरात्रि
भारतीय समाज और धार्मिक परंपराओं में मातृ शक्ति का स्थान सदैव से पूजनीय रहा है। नवरात्रि का यह नौ दिवसीय उत्सव केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नारी शक्ति, अगाध श्रद्धा, अटूट आस्था और भक्ति का सजीव प्रतीक माना जाता है। यह पर्व हर वर्ष समाज को मातृ शक्ति के अद्भुत सामर्थ्य, उनके बहुमूल्य योगदान और सामाजिक ताने-बाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की याद दिलाता है।
पर्व के इस अवसर पर कहा गया कि भारतीय संस्कृति और पौराणिक परंपराएं ही राज्य की समृद्ध पहचान हैं। प्राचीन समय से चले आ रहे ये त्योहार केवल धार्मिक अनुष्ठान मात्र नहीं हैं, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक जड़ों को और अधिक मजबूत बनाने का कार्य करते हैं। जब पूरा समाज एक साथ मिलकर किसी पर्व को मनाता है, तो इससे आपसी भाईचारा, सामाजिक सौहार्द और एकजुटता की भावना को नई शक्ति मिलती है।
सांस्कृतिक मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प
उत्तराखंड की पहचान उसकी समृद्ध और जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं से है। राज्य सरकार देवभूमि की इस अनमोल सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सरकार का मुख्य ध्येय इन उच्च सांस्कृतिक मूल्यों और नैतिक परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए आने वाली भावी पीढ़ियों तक सहज रूप से पहुँचाना है।
सोमवार को सार्वजनिक अवकाश रहने से श्रद्धालु बिना किसी भागदौड़ के माँ दुर्गा के नवें स्वरूप सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना कर सकेंगे। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों, मंदिरों और शक्तिपीठों में कन्या पूजन, हवन और विशाल धार्मिक आयोजनों की व्यापक तैयारियां की गई हैं। इस निर्णय से राज्य भर के शक्तिपीठों और पूजा पांडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद जताई जा रही है।