रामनगर:उत्तराखंड के रामनगर स्थित रामदत्त जोशी संयुक्त चिकित्सालय की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय जनता और सामाजिक संगठनों का आक्रोश चरम पर पहुँच गया है। अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं के अभाव, विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी और बंद पड़ी जांच व्यवस्थाओं से त्रस्त होकर संयुक्त संघर्ष समिति ने चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत कर दी है। लखनपुर से शुरू हुए इस जनांदोलन के तहत क्षेत्र में नुक्कड़ सभाएँ आयोजित की जा रही हैं और हस्ताक्षर अभियान चलाकर शासन-प्रशासन के खिलाफ जनसमर्थन जुटाया जा रहा है।

कोसी रोड चौराहे पर गरजे वक्ता, दागे तीखे सवाल
रानीखेत रोड स्थित कोसी रोड चौराहे पर संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में एक विशाल नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया। सभा का संचालन उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के नगर संयोजक आसिफ ने किया।
सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने रामदत्त जोशी अस्पताल की बदहाली पर गहरा रोष जताया। वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि जो अस्पताल खुद वेंटिलेटर पर हो और बीमार स्थिति में पड़ा हो, वह आम जनता का इलाज कैसे करेगा? शासन और प्रशासन की उपेक्षा के कारण रामनगर जैसे प्रमुख केंद्र का अस्पताल केवल नाम का रह गया है, जहाँ न तो विशेषज्ञ डॉक्टर हैं और न ही जरूरी पैरामेडिकल स्टाफ।

मुख्य माँगें: सीटी स्कैन, आईसीयू और ब्लड बैंक सुचारू करने पर जोर
संयुक्त संघर्ष समिति ने आंदोलन के माध्यम से अपनी प्रमुख मांगों को प्रमुखता से उठाया है:
- विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति: अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के खाली पदों को तुरंत भरा जाए।
- आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ: मरीजों को रामनगर में ही सीटी स्कैन, आईसीयू (ICU) और वेंटिलेटर जैसी जीवनरक्षक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ।
- पैथोलॉजी जांच व्यवस्था: सभी प्रकार की आवश्यक चिकित्सकीय जांचें अस्पताल के भीतर ही पूरी तरह नि:शुल्क और नियमित रूप से उपलब्ध हों।
- ब्लड बैंक का संचालन: अस्पताल परिसर में स्थित ब्लड बैंक को सुचारू रूप से संचालित किया जाए, ताकि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को भटकना न पड़े।
4 नवंबर तक का अल्टीमेटम, वरना होगा जनप्रतिनिधियों का घेराव
नुक्कड़ सभा के दौरान जनवादी संगठनों के प्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन को कड़ा चेतावनी संदेश दिया है। वक्ताओं का स्पष्ट कहना है कि यदि 4 नवंबर तक रामदत्त जोशी संयुक्त चिकित्सालय की स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त नहीं किया गया, तो क्षेत्र के विधायक, सांसद और मंत्रियों का पुरजोर घेराव किया जाएगा। जनता अब खोखले आश्वासनों के भरोसे बैठने के मूड में नहीं है और अपने हक के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार है।
450 से अधिक लोगों ने किया हस्ताक्षर, 5 नवंबर को होगा बड़ा प्रदर्शन
आंदोलन की रणनीति पर प्रकाश डालते हुए उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष प्रभात ध्यानी ने जानकारी दी कि लखनपुर और आसपास के क्षेत्रों में पर्चा वितरण और नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अब तक लगभग 450 से अधिक स्थानीय नागरिकों ने हस्ताक्षर कर इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया है।
ध्यातव्य है कि सैकड़ों नागरिकों के हस्ताक्षरों से युक्त इस ज्ञापन को 5 नवंबर को एक विशाल धरना-प्रदर्शन के माध्यम से उप जिलाधिकारी (SDM) रामनगर के जरिए शासन-प्रशासन तक भेजा जाएगा।
आंदोलन में जुटीं विभिन्न जनवादी ताकतें
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की इस मुहिम में रामनगर के कई सामाजिक, राजनीतिक और मजदूर संगठन एक मंच पर आ गए हैं। इस अवसर पर समाजवादी लोक मंच से गिरीश चंद्र आर्य, इंकलाबी मजदूर केंद्र से रोहित रुहेला, महिला एकता मंच से ललिता रावत, मनमोहन अग्रवाल, मनिंदर सिंह सेठी, उबेद उल हक, सुरेश लाल, आसिफ, मोहन चंद तिवारी और प्रभात ध्यानी सहित बड़ी संख्या में नागरिक और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।