उत्तरकाशी।उत्तरकाशी जिले के पुरोला विधानसभा क्षेत्र के बर्नीगाड़ (कुंवा) में विकास की नई इबारत लिखी गई है। यहाँ आयोजित एक भव्य जनसेवा शिविर के दौरान क्षेत्र को लगभग 217 करोड़ रुपये की लागत के 38 विकास कार्यों की सौगात मिली। इस अवसर पर लंबे समय से प्रतीक्षित राजकीय महाविद्यालय बर्नीगाड़ का औपचारिक शुभारंभ भी कर दिया गया, जिससे स्थानीय विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के द्वार खुल गए हैं।

217 करोड़ रुपये के 38 विकास कार्य: शिलान्यास और लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान कुल 38 विकास कार्यों की सौगात दी गई, जिनमें 30 कार्यों का शिलान्यास और 8 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।
- शिलान्यास (194 करोड़ से अधिक): लगभग 194 करोड़ रुपये की लागत के 30 कार्यों की नींव रखी गई। इसमें लोक निर्माण विभाग पुरोला व बड़कोट के कार्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) खंड पुरोला के अंतर्गत 18 बड़े सड़क कार्य और सिंचाई खंड पुरोला के 3 कार्य शामिल हैं। इन योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा।
- लोकार्पण (22 करोड़ से अधिक): लगभग 22 करोड़ रुपये की लागत के 8 पूर्ण हो चुके विकास कार्यों जनता को समर्पित किए गए। इनमें पीएमजीएसवाई, माध्यमिक शिक्षा और समग्र शिक्षा से जुड़े भवन व सड़क निर्माण कार्य शामिल हैं, जिससे आधारभूत संरचना को मजबूती मिली है।
शिक्षा, खेल और कनेक्टिविटी पर बड़ा फोकस
क्षेत्र की जनता की मांग को देखते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। राजकीय महाविद्यालय बर्नीगाड़ के स्थायी भवन और परिसर का निर्माण कार्य जल्द शुरू करने का ऐलान किया गया। इसके साथ ही, राजा रघुनाथ देवडोकरी में मिनी स्टेडियम और बर्नीगाड़ थाला चौक से जीआईसी बर्नीगाड़ तक मोटर मार्ग के निर्माण की घोषणा की गई। बड़कोट और चिन्यालीसौड़ के राजकीय महाविद्यालयों को उच्चीकृत करने का निर्णय भी लिया गया है, जिससे पर्वतीय क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे।
सेवा सेतु अभियान से जनता के द्वार पहुँची सरकार
’सेवा सेतु अभियान’ के तहत आयोजित इस जनसेवा शिविर में विभिन्न विभागों ने अपने स्टॉल लगाकर सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को चेक और जरूरी उपकरण वितरित किए गए। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचे और आम नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए जिला मुख्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
विकास और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार
सड़क संपर्क और अवस्थापना सुविधाओं के विस्तार से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुँचे स्थानीय लोगों, युवाओं और मातृशक्ति ने इस सौगात पर उत्साह जताया। यह पहल उत्तरकाशी के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।