नैनीताल: मानसून की मूसलाधार बारिश के बाद बदहाल हुई सड़कों को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद नैनीताल में क्षतिग्रस्त मार्गों के कायाकल्प की कवायद तेज कर दी गई है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जनपद की तमाम मुख्य और संपर्क सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए अभियान में गति लाने के स्पष्ट आदेश जारी किए हैं।
प्रशासनिक महकमे की इस सख्ती के बाद अब लोक निर्माण विभाग (लोनिवि), राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने की डेडलाइन दी गई है।
गुणवत्ता से समझौता नहीं, ढिलाई पर तय होगी सीधी जवाबदेही
सड़क मरम्मत और पैचवर्क में गुणवत्ता को लेकर अक्सर उठने वाले सवालों पर इस बार रुख बेहद कड़ा रखा गया है। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सड़क सुधारीकरण के दौरान तकनीकी मानकों का शत-प्रतिशत पालन होना चाहिए।
- समयबद्ध मरम्मत अनिवार्य: जिन इलाकों में सड़कें ज्यादा खराब हैं, वहाँ प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
- खराब काम पर दोबारा मरम्मत: यदि पूर्व में किए गए पैचवर्क या मरम्मत कार्य में गुणवत्ता की कमी पाई जाती है, तो उसे मानकों के अनुसार दोबारा ठीक कराया जाएगा।
- कठोर कार्रवाई की चेतावनी: काम में किसी भी तरह की देरी, लापरवाही या तकनीकी मानकों में कोताही पाए जाने पर संबंधित अधिशासी अभियंताओं और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी व प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।
विशेष बात: सड़कों की दुर्दशा से आम लोगों और पर्यटकों को होने वाली परेशानी को खत्म करने के लिए इस बार सिर्फ गड्ढे भरने तक काम सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़कों की स्थिति में स्थायी सुधार लाने का लक्ष्य तय किया गया है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रशासनिक कदम?
नैनीताल न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से अहम है, बल्कि यह देश का एक प्रमुख पर्यटन केंद्र भी है। मानसून के मौसम में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण यहाँ की ग्रामीण और मुख्य सड़कें जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। सड़कों पर मौजूद जानलेवा गड्ढे न सिर्फ आवागमन को बाधित करते हैं बल्कि हादसों का सबब भी बनते हैं।
हाल ही में 13 अक्टूबर को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सड़कों की खस्ताहाली पर चिंता जताते हुए प्राथमिकता के आधार पर गड्ढामुक्ति का लक्ष्य रखा गया था। इस निर्देश के बाद जमीनी स्तर पर काम को रफ्तार देने के लिए सभी विभागों को एकजुट होकर काम करने का रोडमैप सौंपा गया है। सुरक्षित और सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को खुद धरातल पर उतरकर निरीक्षण करने की हिदायत दी गई है।
धरातल पर उतरेगा प्लान: नियमित निगरानी और फील्ड इंस्पेक्शन
अब लोक निर्माण विभाग, एनएच और पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में घूमकर क्षतिग्रस्त मार्गों का चिह्नीकरण करेंगे। सड़कों के निरीक्षण की नियमित रिपोर्ट तैयार की जाएगी ताकि काम में कोई ढिलाई न हो सके।
प्रशासन का कहना है कि सड़कें आम जनता की सहूलियत और सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे में निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर पाई जाने वाली कमी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में अगर सड़कों पर गड्ढे बरकरार दिखे या घटिया सामग्री का इस्तेमाल सामने आया, तो संबंधित विभागीय जिम्मेदारी तय करते हुए त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुधार के इस व्यापक अभियान के शुरू होने से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ नैनीताल आने वाले पर्यटकों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।