देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) के साथ लगभग चार घंटे लंबी मैराथन उच्चस्तरीय बैठक की। इस अहम बैठक में विकास कार्यों की प्रगति, कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों की तैयारियों और हरिद्वार कुंभ-2027 के प्रबंधों की व्यापक समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने दोटूक संदेश दिया है कि जनहित से जुड़े मामलों और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में गृह सचिव, गढ़वाल एवं कुमाऊँ मंडल के आयुक्तों के अलावा दोनों पुलिस परिक्षेत्रों के महानिरीक्षक भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि वे केवल दफ्तरों तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में उतरकर जमीनी हकीकत का जायजा लें और समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करें।

सड़कों के गड्ढे भरने और गुणवत्ता पर विशेष फोकस
प्रदेश में सड़कों की जर्जर हालत को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सड़कों का स्थलीय निरीक्षण करने और लंबित मरम्मत कार्यों को तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि सड़क निर्माण और मरम्मत में यदि गुणवत्ता से समझौता पाया गया या लापरवाही सामने आई, तो संबंधित अधिकारी की सीधी जवाबदेही तय होगी।
इसके साथ ही, सीवर और पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि एक नवंबर तक सभी अधूरे कार्य पूरे कर लिए जाएं और सड़कों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित हो, ताकि आम नागरिकों, व्यापारियों और राहगीरों को आवागमन में कोई असुविधा न हो।
त्योहारों की सुरक्षा, स्वच्छता और राजस्व मामलों का त्वरित निस्तारण
आगामी नवरात्र और दीपावली के त्योहारों के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है। बाजारों, मंदिरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ ही यातायात प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, नगर निकायों को शहरों और कस्बों में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने को कहा गया है ताकि कहीं भी कूड़ा एकत्रित न हो।
राजस्व मामलों में अनावश्यक विलंब पर रोक लगाते हुए पटवारी और प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्तर पर मामलों का समयबद्ध निस्तारण करें, जिससे आम जनता को छोटे-छोटे कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत भी निर्वाचन आयोग के नियमों का पूरी पारदर्शिता से पालन करने पर जोर दिया गया है।
कुंभ-2027 की साप्ताहिक समीक्षा और वन-लाइफ संघर्ष पर कार्ययोजना
हरिद्वार कुंभ-2027 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ तय समयसीमा में कार्य पूरे करें। परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी और किसी भी स्तर पर देरी होने पर जिम्मेदारी तय होगी। इसके अलावा, पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में डॉक्टरों तथा एएनएम की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में कोई बाधा न आए।
मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए भालू और तेंदूप्रभावित क्षेत्रों में ठोस कार्ययोजना बनाने और पीड़ितों को शीघ्र मुआवजा देने के निर्देश भी दिए गए हैं। शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रभारी सचिवों को हर 15 दिन में जनपदों का भ्रमण कर विकासखंडवार समीक्षा करने को कहा गया है।