राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर उबाल: CJP प्रदर्शन से पहले ध्रुव राठी और 600 समर्थक हिरासत में, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
नई दिल्ली।राजधानी दिल्ली एक बार फिर हाई-वोल्टेज राजनीतिक ड्रामे और सुरक्षा के कड़े घेरे के बीच सुलग उठी है। मौका है कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की तरफ से जंतर-मंतर पर घोषित बड़े प्रदर्शन और विरोध मार्च का, जिसके चलते पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। हालात इस कदर बेकाबू होते नजर आ रहे हैं कि दिल्ली के भीतर ट्रेन, मेट्रो, प्रमुख बाजार और इंटरनेट सेवाओं तक पर इसका असर दिखने लगा है। सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और जिला प्रशासन की सख्ती के बीच राजधानी छावनी में तब्दील हो चुकी है।
सुरक्षा का महा-घेरा और BNSS की धारा 163 लागू
प्रदर्शन के ऐलान के बाद से ही दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हो गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। इसके साथ ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की तैनाती में भारी बढ़ोतरी की गई है। लगभग 11,000 अतिरिक्त जवानों को दिल्ली के चप्पे-चप्पे पर उतार दिया गया है, जिससे राजधानी में तैनात कुल केंद्रीय बलों की संख्या बढ़कर करीब 26,000 तक पहुंच गई है।
जंतर-मंतर की तरफ जाने वाले तमाम रास्तों पर लोहे की मजबूत बैरिकेडिंग कर दी गई है और कई संवेदनशील जगहों पर सड़कों पर कीलें तक गाड़ दी गई हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या अनधिकृत प्रवेश को रोका जा सके। स्थानीय प्रशासन और संस्थाओं की ओर से नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी भी जारी की गई है।

ध्रुव राठी और 600 समर्थक हिरासत में, फाउंडर अभिजीत दीपके पहुंचे दिल्ली
प्रशासन की इस कड़ी कार्रवाई का असर प्रदर्शनकारियों पर तुरंत देखने को मिला। पुलिस ने अलग-अलग इलाकों से प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे लगभग 600 समर्थकों को हिरासत में ले लिया है। इस दौरान कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की की खबरें भी सामने आई हैं।
सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पुलिस ने लोकप्रिय यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके आवास से हिरासत में ले लिया। इस हाई-प्रोफाइल हिरासत ने मामले को और गर्मा दिया है। एक तरफ जहां पुलिस धरपकड़ तेज कर रही है, वहीं दूसरी तरफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके तमाम बाधाओं को पार करते हुए मुंबई से सीधे दिल्ली पहुंच चुके हैं, जिससे राजनीतिक पारा और अधिक चढ़ गया है।

क्या है प्रदर्शन की मुख्य वजह और मांगें?
कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य रूप से दो प्रमुख मुद्दों को लेकर आक्रामक तेवर अपनाए हुए है। संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन/इन्क्वायरी या संबंधित प्रक्रिया) को तुरंत रोकने की मांग उठाई है। CJP का आरोप है कि SIR के जरिए बड़े पैमाने पर वोट चोरी की जा रही है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।
हालांकि, महत्वपूर्ण बात यह है कि CJP के इस प्रदर्शन और विरोध मार्च को दिल्ली पुलिस की तरफ से आधिकारिक रूप से कोई इजाजत नहीं मिली है। अनुमति न मिलने के बावजूद संगठन अपनी जिद पर अड़ा हुआ है, जिसके कारण पुलिस और प्रशासन किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं दिख रहे हैं।
आगामी घंटों में दिल्ली की राजनीतिक और प्रशासनिक स्थिति किस करवट बैठती है, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था का पालन करने की अपील कर रहा है, जबकि दूसरी ओर राजनीतिक सरगर्मी लगातार अपने चरम पर बनी हुई है।