रामनगर (नैनीताल):उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता ने विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (CTR) के अंतर्गत आने वाले ढेला और झिरना ईको-पर्यटन जोन का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पार्क के समृद्ध प्राकृतिक वातावरण और बहुमूल्य जैव विविधता का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। जंगलों की सुरम्य वादियों, वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और पक्षियों के कलरव के बीच उन्होंने पार्क प्रबंधन द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न संरक्षण कार्यों को करीब से समझा।

वन्यजीव सुरक्षा और प्रबंधन की ली जानकारी
भ्रमण के दौरान कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने मुख्य न्यायाधीश को पार्क में वन्यजीव संरक्षण, सुरक्षा व्यवस्था और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान चीड़ प्रबंधन, ईको-पर्यटन संचालन, पक्षी अवलोकन सुविधाओं और वनाग्नि (जंगल की आग) से बचाव के लिए अपनाए जा रहे आधुनिक और प्रभावी नियंत्रण उपायों पर गहराई से चर्चा हुई।
निदेशक ने बताया कि कॉर्बेट में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए गश्त व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ जंगलों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष टीमें तैनात की जाती हैं। इसके अलावा, स्थानीय जैव विविधता को संरक्षित रखते हुए पर्यावरण-अनुकूल (पर्यावरण अनुकूल) पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

समृद्ध जैव विविधता और पक्षियों के प्राकृतिक आवासों की सराहना
मुख्य न्यायाधीश ने भ्रमण के समय कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की असीम जैव विविधता, बाघों व अन्य वन्यजीवों के संरक्षण प्रयासों तथा पक्षियों के प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा की सराहना की। उन्होंने कहा कि कॉर्बेट जैसे प्राकृतिक विरासत क्षेत्र का संरक्षण न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने पार्क प्रशासन द्वारा वन्यजीव सुरक्षा, चौड़ (घास के मैदान) प्रबंधन और वनाग्नि सुरक्षा प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे सराहनीय और उत्कृष्ट कार्यों की खुलकर प्रशंसा की।

कॉफी टेबल बुक भेंट और आभार ज्ञापन
कार्यक्रम के समापन के अवसर पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता को स्मृति चिन्ह के रूप में ‘कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की कॉफी टेबल बुक’ भेंट की। निदेशक ने उनके कॉर्बेट टाइगर रिजर्व आगमन और बहुमूल्य समय देने के लिए आभार प्रकट किया।
इस विशेष भ्रमण कार्यक्रम के दौरान कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उप निदेशक राहुल मिश्रा, ढेला के वन क्षेत्राधिकारी ललित मोहन जोशी, झिरना के वन क्षेत्राधिकारी अभय जोशी सहित वन विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।