देहरादून: पृथ्वी पर जीवन की जीवनरेखा मानी जाने वाली ओजोन परत के संरक्षण को लेकर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक बड़ा मंथन हुआ। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूकेपीसीबी) के तत्वावधान में कमलागिरी फाउंडेशन द्वारा तूलाज यूनिवर्सिटी के सभागार में एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। “Ozone Protection: From Awareness to Field Action” विषय पर केंद्रित इस कार्यक्रम में ओजोन परत की सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों पर गहन चर्चा की गई।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल वैचारिक चर्चा तक सीमित रहना नहीं था, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर आमजन और युवाओं को जमीनी स्तर पर सक्रिय करना था।

जागरूकता को व्यवहारिक कदमों में बदलना जरूरी
कार्यशाला के दौरान विषय विशेषज्ञ डॉ. सुमन सिंह ने ओजोन परत के वैज्ञानिक और पर्यावरणीय महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (यूवी) किरणों से पृथ्वी के जीवन की रक्षा करती है।
- सामुदायिक सहभागिता: केवल जागरूकता रैलियां या संगोष्ठियां आयोजित करना काफी नहीं है, बल्कि इस जागरूकता को दैनिक जीवन के व्यवहारिक कदमों में बदलना होगा।
- स्थानीय स्तर पर पहल: ओजोन संरक्षण और पर्यावरण सुधार के अभियानों को स्थानीय समुदायों और विद्यालयों तक ले जाना समय की मांग है।
- युवाओं की भूमिका: विद्यार्थियों को अपने आसपास के माहौल में पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया गया।
भविष्य के पर्यावरण प्रहरी बनेंगे युवा
कमलागिरी फाउंडेशन के अध्यक्ष राजेन्द्र जोशी ने संस्था के विजन को साझा करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों को केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। संस्था का लक्ष्य इन विषयों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है।
- युवाओं को जोड़ना: विद्यार्थियों और युवाओं को इस मुहिम का मुख्य आधार बनाया जा रहा है ताकि वे भविष्य में पर्यावरण प्रहरी की भूमिका निभा सकें।
- सतत प्रयास: स्कूलों, कॉलेजों और स्थानीय बस्तियों में लगातार अभियान चलाकर पर्यावरण अनुकूल आदतों का विकास करना।
सामूहिक संकल्प के साथ समापन
कार्यशाला के अंत में सभी उपस्थित विशेषज्ञों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने ओजोन परत की सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में यूकेपीसीबी और शिक्षा जगत से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।
आयोजन में पर्यावरण अभियंता सुभाष चन्द्र पंवार, रविंदर पुंडीर, रचना नौटियाल, सौरभ पांडेय के साथ-साथ तूलाज यूनिवर्सिटी के प्रो. वाईस चांसलर शैलेन्द्र कुमार तिवारी, रजिस्ट्रार डॉ. उपाध्याय, डॉ. सुगम गुप्ता और बड़ी संख्या में विद्यार्थी व औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।