18 हजार रुपये का बकाया बना मौत की वजह: देहरादून में नौकर ने ली 72 साल की बुजुर्ग महिला की जान, पुलिस ने 12 घंटे में किया गिरफ्तार
देहरादून: राजधानी देहरादून के शांत माने जाने वाले रायपुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। मात्र 18 हजार रुपये की बकाया मजदूरी के विवाद ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। अजबपुर इलाके में रहने वाले एक नौकर ने गुस्से और खौफ में आकर 72 वर्षीय बुजुर्ग महिला रेखा बंसल की बेरहमी से हत्या कर दी। दून पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 12 घंटे के भीतर न सिर्फ इस अंधी हत्या का पर्दाफाश किया, बल्कि आरोपी को भी दबोच लिया।
कंट्रोल रूम में आई एक कॉल और दहल उठा इलाका
घटना तीन सितंबर की है। शाम के वक्त दिनेश बंसल जब अपने घर पहुंचे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उनकी पत्नी रेखा बंसल घर के भीतर लहुलुहान और अचेत अवस्था में पड़ी थीं। चेहरे पर गहरे जख्म के निशान थे। घबराए पति ने तुरंत 112 आपातकालीन नंबर पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रायपुर थाना पुलिस और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र डोबाल खुद दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक (एफएसएल) टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट, वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के जरिए अहम साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
CCTV फुटेज और सर्विलांस से शिकंजे में आया आरोपी
अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए एसएसपी के निर्देश पर कई विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने इलाके के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मोबाइल सर्विलांस के साथ-साथ मुखबिरों का नेटवर्क सक्रिय किया। जांच के दौरान पुलिस का शक दिनेश बंसल की दुकान में काम करने वाले विनीत कुमार पर गहराया।
पुख्ता सुराग मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी विनीत कुमार को रिंग रोड स्थित त्रिलोक गेस्ट हाउस के पास से गिरफ्तार कर लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
15 साल पुराना रिश्ता और 18 हजार का खूनी हिसाब
पुलिस पूछताछ में जो सच निकलकर सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया। मूल रूप से उत्तरकाशी का रहने वाला विनीत कुमार पिछले 10 सालों से देहरादून के अजबपुर में रह रहा था। वह रात में त्रिलोक गेस्ट हाउस में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करता था, जबकि दिन में दिनेश बंसल की डिस्पेंसरी रोड स्थित ‘अनुज प्रकाशन’ बुक शॉप पर हेल्पर का काम करता था। विनीत पीड़ित परिवार को पिछले 15 सालों से जानता था और उनका विश्वासी बना हुआ था।
विनीत का दिनेश बंसल पर 18 हजार रुपये की मजदूरी का बकाया था। वह काफी समय से अपने पैसे मांग रहा था, लेकिन भुगतान न होने से उसके मन में कड़वाहट और गुस्सा भर चुका था।
कड़े से वार, मुंह दबाया और कंगन लूटकर फरार
घटना वाले दिन आरोपी विनीत को पता था कि रेखा बंसल घर पर अकेली हैं और घर का पिछला दरवाजा अक्सर खुला रहता है। वह दिनेश बंसल की स्कूटी लेकर चुपके से उनके घर पहुंचा। घर में दाखिल होकर उसने बुजुर्ग महिला से अपनी बकाया मजदूरी के पैसे मांगे। जब पैसे नहीं मिले, तो दोनों के बीच तीखी बहस हो गई।
आक्रोशित होकर विनीत ने अपने हाथ में पहने लोहे/धातुकृत कड़े से रेखा बंसल के चेहरे पर जोरदार वार कर दिया। हमले से चोटिल होकर वृद्धा बिस्तर पर गिर पड़ीं और दर्द से चिल्लाने लगीं। पकड़े जाने और शोर मचने के डर से आरोपी ने उनका मुंह पूरी ताकत से दबा दिया, जिससे दम घुटने के कारण महिला की मौत हो गई। महिला को बेजान देखकर आरोपी ने उनके हाथ से सोने का कंगन उतारा और मौके से फरार हो गया।
लूट का सामान और कड़ा बरामद
पुलिस ने आरोपी विनीत कुमार की निशानदेही पर मृतका के हाथ से लूटा गया सोने का कंगन और हत्या में इस्तेमाल किया गया कड़ा बरामद कर लिया है। दून पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1), 309(4) और 117(2) के तहत विधिक कार्रवाई करते हुए उसे सलाखों के पीछे भेज दिया है। 12 घंटे के भीतर केस का सफल अनावरण करने पर स्थानीय निवासियों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।