रामनगर।उत्तराखंड के रामनगर में ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना क्षेत्र के खताड़ी में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी को अवैध चाकू के साथ धर दबोचा। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत एक और नया मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
रामनगर के चर्चित खताड़ी क्षेत्र में 10 अगस्त की रात कुछ अराजक तत्वों ने दहशत फैलाने की नीयत से अचानक फायरिंग कर दी थी। देर रात हुई इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले में स्थानीय निवासी अयान (पुत्र जुल्फकार) की तहरीर पर कोतवाली रामनगर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109, 191(3) और 351(3) के तहत एफआईआर संख्या 252/26 दर्ज की गई थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों ने मामले के तुरंत निस्तारण के निर्देश दिए। हल्द्वानी पुलिस अधीक्षक के निर्देशों और रामनगर क्षेत्राधिकारी के पर्यवेक्षण में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
गठित पुलिस टीम ने घटना में शामिल अराजक तत्वों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देनी शुरू की। इस दौरान सटीक इनपुट के आधार पर पुलिस ने 21 अगस्त को वारदात में शामिल आरोपी अनुज रावत (पुत्र मोहन सिंह, निवासी ग्राम बसई पीरूमदारा, रामनगर) को दबोच लिया। तलाशी लेने पर आरोपी के पास से एक अवैध चाकू बरामद किया गया।
अवैध हथियार की बरामदगी के आधार पर पुलिस ने आरोपी अनुज रावत के खिलाफ शस्त्र अधिनियम (4/25 Arms Act) के तहत एफआईआर संख्या 263/26 पंजीकृत की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि खताड़ी फायरिंग कांड में शामिल अन्य फरार आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा, जिसके लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह राजपूत, कॉन्स्टेबल जसवीर सिंह और कॉन्स्टेबल मंजीत सेंगर शामिल रहे। ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत हुई इस गिरफ्तारी से क्षेत्र के असामाजिक तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है।