हल्द्वानी:उत्तराखंड के हल्द्वानी से एक बेहद हैरान और सनसनीखेज कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां बुधवार देर रात 10 से 12 हथियारबंद बदमाशों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर एक बड़े डकैती कांड को अंजाम दे डाला। बदमाशों ने खुद को एसओजी (SOG) की टीम बताया और तमंचे के दम पर लाखों का कैश, सोने के आभूषण और मोबाइल लूटकर रफूचक्कर हो गए। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
जुआ और पार्टी के बीच अचानक पहुंची रहस्यमयी कार
पूरा मामला बरेली रोड स्थित गोरापड़ाव क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, बुधवार देर रात एक कमर्शियल ऑफिस के अंदर कुछ लोग पार्टी मना रहे थे और वहां जुआ खेला जा रहा था। माहौल एकदम खुशनुमा था कि तभी अचानक दफ्तर के बाहर एक कार आकर रुकी।
कार से 8 से 10 नकाबपोश और हथियारबंद लोग उतरे और सीधे ऑफिस के भीतर दाखिल हो गए। ऑफिस में कदम रखते ही उन्होंने चिल्लाकर सभी को शांत रहने की हिदायत दी और तमंचा लहराते हुए खुद को पुलिस की ‘SOG टीम’ का सदस्य बताया।
‘पुलिस रेड’ के डर से सहम गए लोग, बदमाशों ने समेटा लाखों का माल
अचानक हुई इस ‘पुलिस रेड’ से वहां मौजूद लोग बुरी तरह डर गए। किसी को भी यह शक नहीं हुआ कि सामने खड़े लोग असली पुलिसवाले नहीं बल्कि शातिर लुटेरे हैं। रेड के डर से किसी ने भी विरोध करने की हिम्मत नहीं दिखाई।
बदमाशों ने इस खौफ का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने टेबल पर रखी जुए की पूरी रकम करीब 8 लाख रुपये नकद समेट ली। इतने से भी जब बदमाशों का पेट नहीं भरा, तो उन्होंने वहां मौजूद लोगों को धमकाकर उनके हाथों में पहनी सोने की अंगूठियां और गले से 2 सोने की चेन भी उतरवा लीं।
सबके मोबाइल छीने ताकि न मिल सके पुलिस को सूचना
बदमाशों की चालाकी यहीं खत्म नहीं हुई। वारदात को अंजाम देने के बाद, किसी भी तरह की तुरंत शिकायत या पुलिस ट्रैकिंग से बचने के लिए लुटेरों ने वहां मौजूद सभी लोगों के 12 मोबाइल फोन भी छीन लिए। इसके बाद सभी आरोपी आराम से अपनी कार में सवार होकर बरेली रोड की तरफ तेज रफ्तार में फरार हो गए। जब तक पीड़ितों को अहसास हुआ कि वे डकैती का शिकार हुए हैं, तब तक लुटेरे काफी दूर निकल चुके थे।
असली पुलिस में मचा हड़कंप, 4 टीमें गठित
जब इस सनसनीखेज वारदात की सूचना असली पुलिस तक पहुंची, तो अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में पुलिस बल के साथ एसपी सिटी मनोज कत्याल खुद घटनास्थल पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे जिले में नाकेबंदी कर दी गई है। एसपी सिटी ने बताया कि यह बेहद गंभीर अपराध है और लुटेरों की धरपकड़ के लिए 4 विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है।
CCTV और सर्विलांस के सहारे तलाश जारी
पुलिस की सर्विलांस और एसओजी की असली टीम अब उन ‘नकली पुलिसवालों’ की तलाश में जुट गई है। गोरापड़ाव और बरेली रोड के आसपास लगे सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि लुटेरों की कार और उनके भागने के रूट का सटीक पता लगाया जा सके। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
शहर के बीचों-बीच पुलिस के नाम पर हुई इस दुस्साहसिक डकैती ने स्थानीय व्यापारियों और आम जनता के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।