रामनगर। समाज में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा, असमानता और वैश्विक संकटों के विरोध में प्रगतिशील महिला एकता केंद्र का चौथा सम्मेलन 5 और 6 सितंबर 2026 को रामनगर स्थित अग्रवाल सभा में आयोजित होने जा रहा है। इस संबंध में लखनपुर चुंगी स्थित स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान संगठन की गतिविधियों और सम्मेलन के उद्देश्यों की जानकारी साझा की गई। यह दो दिवसीय आयोजन समाज के विभिन्न जनवादी, सामाजिक और क्रांतिकारी संगठनों को एक मंच पर लाएगा।
स्थापना से लेकर अब तक का संघर्ष
पत्रकार वार्ता के दौरान संगठन की अध्यक्ष बिंदु गुप्ता ने बताया कि प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की नींव वर्ष 2013 में रखी गई थी। स्थापना के समय से ही यह संगठन समाज में महिलाओं को मिलने वाले दोयम दर्जे के बर्ताव, गैर-बराबरी और उनके अधिकारों के हनन के खिलाफ निरंतर संघर्षरत है।
उन्होंने बताया कि संगठन का चौथा सम्मेलन 5 सितंबर को झंडारोहण के साथ औपचारिक रूप से शुरू होगा। सम्मेलन के खुले सत्र में विभिन्न जनवादी संगठन, सामाजिक कार्यकर्ता, ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधि और प्रगतिशील सोच रखने वाले नागरिक हिस्सा लेंगे। इसके बाद 6 सितंबर को शहर में एक विशाल जुलूस निकालकर सम्मेलन का समापन किया जाएगा।
साम्राज्यवादी नीतियों और युद्धों का विरोध
संगठन की पूर्व अध्यक्ष शीला शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्धों के असर पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि साम्राज्यवादी देश अपनी व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा और मुनाफे की होड़ में कमजोर देशों पर हमले कर रहे हैं। इस साम्राज्यवादी होड़ के कारण आज दुनिया के कई हिस्से भीषण युद्धों की चपेट में हैं।
इन युद्धों का सबसे भयावह असर आम मजदूर और मेहनतकश जनता पर पड़ता है। युद्ध और आर्थिक संकट के कारण बढ़ती महंगाई, विस्थापन और तबाही का सामना आम लोगों को ही करना पड़ता है। रामनगर में होने वाला यह सम्मेलन साम्राज्यवादी युद्धों और नीतियों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराएगा।
सामाजिक नफरत और यौन हिंसा पर चिंता
संगठन की महासचिव रजनी ने कहा कि मौजूदा समय में समाज में महिलाओं और कमजोर वर्गों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में गिरावट आई है। लगातार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी ने आम जनमानस के जीवन को संकट में डाल दिया है। इसके साथ ही, समाज में फैलाया जा रहा नफरत और द्वेष का माहौल आम जनता की एकजुटता को तोड़ने का काम कर रहा है।
महिलाओं की सुरक्षा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यौन हिंसा की बढ़ती घटनाओं ने महिलाओं के भीतर असुरक्षा की भावना को गहरा कर दिया है। कम होती मजदूरी और ऊपर से बेतहाशा बढ़ती महंगाई के कारण आम परिवारों का गुजर-बसर बेहद मुश्किल हो गया है। प्रगतिशील महिला एकता केंद्र का यह सम्मेलन यौन हिंसा, सामाजिक नफरत और असमानता को बढ़ावा देने वाली राजनीति के खिलाफ एक मजबूत आवाज बुलंद करेगा।
दो दिवसीय सम्मेलन का खाका
5 और 6 सितंबर को होने वाले इस सम्मेलन में महिलाओं की सुरक्षा, समान मजदूरी, सामाजिक न्याय और नफरत मुक्त समाज के निर्माण पर विस्तृत चर्चा होगी। रामनगर के अग्रवाल सभा में जुटने वाले प्रतिनिधि आने वाले दिनों में महिला अधिकारों और जन-समस्याओं को लेकर आगे के आंदोलनों की रूपरेखा तैयार करेंगे।