चमोली (उत्तराखंड):उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग (टनल) में बीते 13 अगस्त को हुए भीषण हादसे के बाद जारी रेस्क्यू ऑपरेशन आखिरकार पूरा हो गया है। सर्च एंड रेस्क्यू टीमों ने अथक प्रयासों के बाद टनल के भीतर से अंतिम दो लापता मजदूरों के शवों को भी बाहर निकाल लिया है। इसके साथ ही इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों की कुल संख्या 10 तक पहुँच गई है। रेस्क्यू टीमों ने टनल में फँसे और लापता हुए सभी 22 श्रमिकों को बाहर निकाल लिया है, जिनमें 12 घायलों को पहले ही सुरक्षित बचाकर इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया था।
संगीन परिस्थितियों में सघन रेस्क्यू अभियान
13 अगस्त को टनल के भीतर काम के दौरान अचानक ऊपर से भारी मलबा और पानी आ गिरा था, जिससे अंदर काम कर रहे 22 श्रमिक अचानक फँस गए थे। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), आईटीबीपी (ITBP), सेना, सीआईएसएफ (CISF) और टीएचडीसी (THDC) की टीमों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला।
टनल के भीतर की परिस्थितियाँ बेहद चुनौतीपूर्ण थीं। अंदर भरा पानी, मलबे का विशाल ढेर और सीमित हवा के बीच बचाव टीमों ने अत्याधुनिक सक्शन पंपों और भारी मशीनरी का इस्तेमाल कर पानी की निकासी की। मलबे को हटाने के साथ-साथ हर संभावित कोने में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। कठिन भौगोलिक और अंदरूनी परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीमों ने दिन-रात एक करके सभी मलबे को साफ किया और फँसे लोगों तक पहुँचे।
जिला प्रशासन द्वारा इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की लगातार मॉनिटरिंग की गई। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मौके पर पहुँचकर और कंट्रोल रूम के माध्यम से सभी एजेंसियों के बीच समन्वय बनाए रखा। प्रशासन की पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फँसे हर एक श्रमिक को जल्द से जल्द बाहर निकालना था, जिसे बचाव दलों की तत्परता से पूरा किया गया। ऑपरेशन समाप्त होने के बाद जिला प्रशासन ने अभियान में शामिल सभी सुरक्षा बलों, रेस्क्यू एजेंसियों और कार्मिकों के साहस और निस्वार्थ सेवा के लिए उनका आभार जताया है।
हादसे में जान गंवाने वाले 10 मृतकों का विवरण:
इस दर्दनाक हादसे में देश के अलग-अलग राज्यों से आए 10 मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ी। बरामद किए गए मृतकों के नाम और पते इस प्रकार हैं:
- प्रदीप पंवार (उम्र 31 वर्ष) – पुत्र अवतार सिंह, निवासी: टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड
- मुकेश सिंह – पुत्र प्रेम सिंह, निवासी: चमोली, उत्तराखंड
- दुर्लभ शर्मा – पुत्र भवानी राम शर्मा, निवासी: उत्तर प्रदेश
- विजय हंसदा – पुत्र राम चन्द्र, निवासी: उत्तर प्रदेश
- जितेन्द्र कुमार – पुत्र राम चन्द्र, निवासी: उत्तर प्रदेश
- लोकेश्वर – पुत्र सोन सिंह पोयम, निवासी: छत्तीसगढ़
- भुनेश्वर – पुत्र सुरेन्द्र कुमार, निवासी: छत्तीसगढ़
- लुकास टोपनो – पुत्र बॉससा टोपनो, निवासी: झारखंड
- चेतन पोयाम – पुत्र सोनधार पोयाम, निवासी: छत्तीसगढ़
- देवनाथ – पुत्र धनसुराम बघेल, निवासी: छत्तीसगढ़
सुरक्षित निकाले गए व उपचाराधीन 12 घायलों की स्थिति:
हादसे के तुरंत बाद रेस्क्यू टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला था, जिन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। अधिकांश घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को उच्च केंद्रों में स्थानांतरित किया गया है।
- रोहित पाण्डे (20 वर्ष, निवासी: बिहार) का इलाज वर्तमान में बेस अस्पताल श्रीनगर में चल रहा है।
- गोविन्दो मंडाल (निवासी: पश्चिम बंगाल) का उपचार जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में जारी है।
अन्य घायल श्रमिक (जिन्हें आवश्यक उपचार व देखभाल दी गई):
- सुनील दीवान (20 वर्ष) – छत्तीसगढ़
- हारबिल गुडिया (27 वर्ष) – निवासी: तपरा
- निस्तर भिंगरा (24 वर्ष) – झारखंड
- विनोद रावना (46 वर्ष) – झारखंड
- दीना बेगरा (26 वर्ष) – झारखंड
- खेला राम बिसरा (22 वर्ष) – झारखंड
- सुबेग सिंह (45 वर्ष) – पंजाब
- तिलकराज – हिमाचल प्रदेश
- चंदन कुमार (39 वर्ष) – रोहतास, बिहार
- पेन सिंह (33 वर्ष) – छत्तीसगढ़
रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के साथ ही टनल के भीतर सर्च अभियान को आधिकारिक रूप से समाप्त घोषित कर दिया गया है। फिलहाल घायलों के समुचित इलाज और मृतकों के पार्थिव शरीर को उनके गृह जनपदों व राज्यों तक पहुँचाने की कागज़ी और प्रशासनिक प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है।