अल्मोड़ा(उत्तराखंड)।उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में हिंसक वन्यजीवों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। अल्मोड़ा जिले के स्याल्दे क्षेत्र से एक सनसनीखेज और खौफनाक मामला सामने आया है, जहाँ रात के अंधेरे में एक खूंखार तेंदुए (गुलदार) ने घर के भीतर घुसकर सो रही 88 साल की बुजुर्ग महिला पर जानलेवा हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और ग्रामीण खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं।

आधी रात को घर में घुसा खूंखार गुलदार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्याल्दे ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुमटी के फूलाई गांव में यह घटना देर रात करीब तीन बजे घटी। गांव की रहने वाली 88 वर्षीय परुली देवी (पत्नी स्वर्गीय आन सिंह) अपने कमरे में सो रही थीं। इसी दौरान आसपास मंडरा रहा आदमखोर गुलदार चुपके से घर के दरवाजे से अंदर दाखिल हो गया। इससे पहले कि वृद्ध महिला कुछ समझ पातीं, तेंदुए ने उन पर सीधे छलांग लगा दी।
गुलदार ने बुजुर्ग महिला के सिर और हाथों पर अपने तीखे पंजों से लगातार कई वार किए। हमले के दौरान वृद्धा ने हिम्मत जुटाकर जोर-जोर से चिल्लाना शुरू किया। चीख-पुकार सुनकर पास के कमरे में सो रही उनकी बहू की नींद अचानक खुल गई। जब बहू ने कमरे का दरवाजा खोला, तो अंदर का खौफनाक मंजर देखकर उसके होश उड़ गए।
चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण, बची जान
कमरे में खूंखार तेंदुए को सास पर हमला करते देख बहू घबरा गई और उसने तुरंत घर से बाहर भागकर शोर मचाना शुरू किया। बहू की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के भारी शोर-शराबे और घेराबंदी के बाद तेंदुआ डरकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए जंगल की तरफ भाग निकला। ग्रामीणों की तत्परता से बुजुर्ग महिला की जान बच सकी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
भिकियासैंण से प्राथमिक उपचार के बाद रामनगर रेफर
गुलदार के हमले से गंभीर रूप से लहूलुहान हुई परुली देवी को ग्रामीण और परिजन तुरंत उपचार के लिए निकटतम भिकियासैंण अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उनका प्राथमिक इलाज शुरू किया। हालांकि, सिर और हाथ पर लगे गहरे जख्मों की वजह से डॉक्टरों ने बेहतर स्वास्थ्य परीक्षण एवं अग्रिम इलाज के लिए उन्हें रामनगर रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार, फिलहाल पीड़िता की स्थिति स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घटनाक्रम के मुख्य बिंदु:
- घटना का समय: देर रात लगभग 3:00 बजे
- स्थान: फूलाई गांव, ग्राम पंचायत गुमटी, स्याल्दे (अल्मोड़ा)
- पीड़िता: 88 वर्षीय परुली देवी
- वर्तमान स्थिति: प्राथमिक उपचार के बाद रामनगर रेफर, हालत स्थिर
गांव में पसरा खौफ, वन विभाग ने शुरू की गश्त
इस खौफनाक हमले के बाद पूरे गुमटी और फूलाई गांव में भारी रोष और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से हिंसक वन्यजीवों की आवाजाही बनी हुई है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की जान पर लगातार खतरा मंडरा रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम हरकत में आ गई है। जौरासी रेंज के रेंजर आशुतोष जोशी ने बताया कि वन विभाग की टीम ने अस्पताल पहुंचकर घायल महिला का हाल जाना और प्रभावित क्षेत्र में तुरंत गश्त बढ़ा दी है। उन्होंने बताया कि इलाके में तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए जल्द ही गांव के पास पिंजरा लगाया जाएगा।
ग्रामीणों ने की स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि केवल गश्त करने से खतरा टलने वाला नहीं है। जब तक खूंखार तेंदुए को पिंजरे में कैद कर दूर जंगल में नहीं छोड़ा जाता, तब तक क्षेत्र में खौफ बना रहेगा। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने और जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।