देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम का मिजाज हर पल बदल रहा है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, नदी-नालों के उफान और संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के खतरों को देखते हुए देहरादून जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है।
मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी भारी बारिश की चेतावनी के बाद देहरादून के जिलाधिकारी (DM) ने बड़ा कदम उठाते हुए 18 अगस्त को जिले के सभी कक्षा 1 से 12 तक के शासकीय, अशासकीय, निजी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित कर दिया है। प्रशासन ने साफ किया है कि छोटे बच्चों और छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
23 अगस्त तक मंडरा रहा खतरा, IMD ने जारी किया अलर्ट
मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के लिए 23 अगस्त तक का विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार, आगामी दिनों में देहरादून सहित उत्तराखंड के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ तेज से भारी बारिश होने की प्रबल संभावना बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि चक्रवाती हवाओं के प्रभाव से राज्य के पहाड़ी जिलों में अतिवृष्टि जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है। पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने तथा गैर-जरूरी आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।
उफान पर नदियां, लैंडस्लाइड से कई सड़कें बंद
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में इन दिनों मानसून का सबसे खतरनाक रूप देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही बारिश से छोटी-छोटी नदियां और बरसाती नाले रौद्र रूप धारण कर चुके हैं। भूस्खलन की वजह से राज्य के दर्जनों संपर्क मार्ग, राज्य राजमार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग मलबे की चपेट में आ चुके हैं।
सड़कें बंद होने से लंबी-लंबी गाड़ियों की कतारें लग रही हैं और अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए मुसाफिरों को घंटों बीच रास्ते में ही इंतजार करना पड़ रहा है। कई दूरस्थ गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से पूरी तरह कट चुका है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए लोक निर्माण विभाग और सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमों को जेसीबी मशीनों के साथ मलबा हटाने के काम में मुस्तैद रखा गया है।
जिला प्रशासन की सख्त हिदायत: नदियां-नालों से दूर रहें नागरिक
देहरादून जिला प्रशासन ने आपदा की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए नियंत्रण कक्ष (Control Room) को चौबीसों घंटे सक्रिय कर दिया है। राहत एवं बचाव दलों (SDRF और NDRF) को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सभी संबंधित विभाग मुस्तैद रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दें। इसके साथ ही, स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे उफनते नदी-नालों, रपटों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के पास बिल्कुल न जाएं। किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सूचित करने की सलाह दी गई है।