शिक्षक दिवस पर उत्तराखंड सीएम का बड़ा संदेश: शिक्षक ही सही मायने में राष्ट्र निर्माता, समृद्ध परंपरा को मजबूत करने का आह्वान
- मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को दी शुभकामनाएं
- भारत की समृद्ध गुरु-शिष्य परंपरा में शिक्षकों का है सर्वोच्च स्थान: मुख्यमंत्री
देहरादून।उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर राज्य के समस्त शिक्षक समुदाय को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। इस विशेष अवसर पर जारी अपने संदेश में उन्होंने देश के पूर्व राष्ट्रपति, महान शिक्षाविद और दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल अध्ययन कराने वाले व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि वे सही मायनों में किसी भी देश की नींव तैयार करने वाले राष्ट्र निर्माता होते हैं। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने, उनके चरित्र का सर्वांगीण निर्माण करने और उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में गढ़ने में शिक्षकों की भूमिका सर्वोपरि रहती है।
शिक्षक समाज का वह आधारस्तम्भ हैं, जो न केवल अक्षरों का ज्ञान कराते हैं, बल्कि जीवन के कठिन मार्गों पर मार्गदर्शन देकर भावी पीढ़ी को एक सही और सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। एक मजबूत, शिक्षित और सशक्त समाज की रचना में गुरुओं का योगदान अमूल्य होता है।
समृद्ध गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व और समाज की जिम्मेदारी
भारत की सदियों पुरानी और महान गुरु-शिष्य परंपरा का उल्लेख करते हुए यह बात रेखांकित की गई कि हमारी संस्कृति में गुरु को सदैव सबसे ऊंचा और सर्वोच्च दर्जा प्राप्त रहा है। शिक्षकों द्वारा दिया गया ज्ञान, उनका निस्वार्थ समर्पण और सही मार्गदर्शन विद्यार्थियों के मन में बड़े सपने देखने और उन्हें धरातल पर साकार करने की प्रेरणा भरता है।
जो देश और समाज अपने शिक्षकों का आदर व सम्मान करते हैं, वे ही प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते हैं। जिस समाज में गुरुजनों के प्रति सम्मान का भाव कम होता है, वहां नैतिक मूल्यों का क्षरण होने लगता है। ऐसे में भारतीय संस्कृति की गुरु-शिष्य की इस पावन परंपरा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को निरंतर प्रयास करते रहना होगा।
विद्यार्थियों से आह्वान: सम्मान की भावना से ही संभव है विकास
देश और राज्य के युवाओं तथा विद्यार्थियों को भारत का वास्तविक भविष्य बताते हुए यह आह्वान किया गया कि वे अपने शिक्षकों और गुरुजनों के प्रति मन में हमेशा श्रद्धा, निष्ठा और सम्मान की भावना बनाए रखें। जब युवा अपने गुरुओं के बताए मार्ग पर चलेंगे और उनके ज्ञान को आत्मसात करेंगे, तभी वे राज्य और देश की प्रगति में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा सकेंगे।
शिक्षकों द्वारा दिए गए संस्कार ही विद्यार्थियों को जीवन के हर मोड़ पर सही फैसले लेने में सक्षम बनाते हैं। विद्यार्थी जीवन में गुरु के प्रति आदरभाव ही आगे चलकर एक सशक्त और अनुशासित नागरिक की रचना करता है।
शिक्षकों के अमूल्य योगदान के प्रति कृतज्ञता
शिक्षक दिवस के इस ऐतिहासिक अवसर पर राज्य के समस्त शिक्षकों और गुरुजनों के निस्वार्थ समर्पण और अतुलनीय योगदान के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की गई। शिक्षकों की दिन-रात की मेहनत और उनका ज्ञान के प्रति समर्पण ही आने वाली नई पीढ़ी के सुनहरे और उज्ज्वल भविष्य की राह को सुगम बनाता है।
शिक्षा के क्षेत्र में नए नवाचारों को अपनाने और विद्यार्थियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत सभी शिक्षकों की भूमिका सराहनीय है। राज्य के विकास और राष्ट्र निर्माण की इस यात्रा में शिक्षकों का यह योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा।
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