रामनगर : केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 के लिए आयकर कानूनों में व्यापक संशोधन लागू कर दिए हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम आदमी की जेब, व्यापारियों की कार्यप्रणाली और निवेशकों की रणनीति पर पड़ेगा। सरकार का मुख्य फोकस टैक्स सिस्टम को सरल (Simplify) और पारदर्शी बनाना है ताकि ईमानदार करदाताओं को बेवजह के कानूनी विवादों से बचाया जा सके।
हादसों के मुआवज़े पर अब ‘नो टैक्स’
आम आदमी के लिए सबसे बड़ी राहत मोटर वाहन दुर्घटना मुआवज़े को लेकर है। अब सड़क दुर्घटनाओं में मिलने वाली क्लेम राशि पूरी तरह टैक्स फ्री होगी। इससे पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा।
विदेश जाना और पढ़ाई हुई सस्ती
सरकार ने पर्यटन और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए TCS (Tax Collected at Source) की दरों में बड़ी कटौती की है:
- विदेशी टूर पैकेज: विदेश यात्रा के शौकीनों के लिए पैकेज पर लगने वाला TCS अब कम कर दिया गया है।
- शिक्षा व इलाज: विदेश में पढ़ाई या इलाज के लिए भेजी जाने वाली राशि पर भी भारी राहत दी गई है।
व्यापारियों और निवेशकों के लिए खास अपडेट
- धारा 194C में विस्तार: अब ‘मैनपावर सप्लाई’ को स्पष्ट रूप से 194C के दायरे में लाया गया है, जिससे अनुपालन (Compliance) आसान होगा।
- शेयर बाजार से आय: निवेशकों को अब शेयर बाजार से होने वाली आय पर Form 15G/15H जमा करने की सुविधा मिलेगी, जिससे कम आय वाले लोगों का बेवजह TDS नहीं कटेगा।
- ITR की नई डेडलाइन: बिजनेस और ट्रस्ट से जुड़े करदाताओं के लिए रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि अब 31 अगस्त तय की गई है।
“ये संशोधन टैक्स विवादों को कम करने और करदाताओं का भरोसा जीतने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम हैं। इससे असेसमेंट प्रक्रिया में सरलता आएगी और ईमानदार करदाताओं को सम्मान मिलेगा।” > — एडवोकेट पूरन चंद्र पांडे, अध्यक्ष, टैक्स बार एसोसिएशन, रामनगर
मुख्य बदलाव एक नज़र में (Quick Table)
| विशेष क्षेत्र | क्या बदला? |
| दुर्घटना मुआवज़ा | अब पूरी तरह टैक्स मुक्त (Zero Tax) |
| TCS दरें | टूर पैकेज, विदेशी शिक्षा और इलाज पर भारी कटौती |
| ITR डेडलाइन | बिजनेस/ट्रस्ट के लिए अब 31 अगस्त |
| विदेशी संपत्ति | 6 माह की विशेष प्रकटीकरण योजना (₹1 करोड़ से ₹5 करोड़) |
| टैक्स स्टे | डिमांड पर स्टे के लिए केवल 10% राशि अनिवार्य |
एक्सपर्ट कमेंट: सरकार ने गलत रिपोर्टिंग पर पेनल्टी से छूट (Immunity) का जो प्रावधान दिया है, वह छोटे व्यापारियों के लिए राहत भरा है। पेनल्टी और असेसमेंट प्रक्रिया का युक्तिकरण (Rationalization) होने से ‘टैक्स टेररिज्म’ पर लगाम लगेगी।
