उत्तरकाशी:उत्तराखंड के विकास और राज्य आंदोलनकारियों के अधिकारों को लेकर जमीनी स्तर पर संघर्ष को तेज करने की कवायद शुरू हो गई है। इसी कड़ी में उत्तराखंड चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति की एक बेहद महत्वपूर्ण और आवश्यक बैठक उत्तरकाशी के नगर पालिका सभागार में संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को ग्रामीण स्तर पर मजबूत करना और गंगा घाटी क्षेत्र के लिए एक नई, ऊर्जावान टीम का गठन करना था। बैठक में केंद्रीय और मंडल स्तर के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में सर्वसम्मत फैसले लिए गए।
गांव-गांव तक संगठन को मजबूत करने का संकल्प
बैठक की अध्यक्षता कर रहे केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. विजेन्द्र पोखरियाल और मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद गढ़वाल मंडल अध्यक्ष कीर्ति निधि सजवान की देखरेख में संगठन की मजबूती पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना जिन संघर्षों के बल पर पूरी हुई थी, उन आंदोलनकारियों के मुद्दों को अब अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना होगा। बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने एक सुर में संकल्प लिया कि वे संगठन की विचारधारा और आंदोलनकारियों के अधिकारों की लड़ाई को गांव-गांव तक ले जाएंगे। इसके लिए हर गांव में कमेटियों का गठन कर युवाओं और पुराने आंदोलनकारियों को एक मंच पर लाया जाएगा।

राजनीति और अनुशासनहीनता पर संगठन का सख्त रुख
बैठक के दौरान संगठन के भीतर अनुशासन को लेकर बेहद कड़े निर्देश जारी किए गए। केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. विजेन्द्र पोखरियाल ने अपने संबोधन में साफ लहजे में चेतावनी दी कि संगठन के भीतर किसी भी प्रकार की गुटबाजी या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, “अगर कोई भी पदाधिकारी या सदस्य संयुक्त समिति के नियमों और मर्यादाओं से बाहर जाकर काम करता पाया गया, तो उसे बिना किसी देरी के तत्काल प्रभाव से पद और संगठन से निष्कासित कर दिया जाएगा।”
इसके साथ ही उन्होंने संगठन के गैर-राजनीतिक स्वरूप को बनाए रखने पर जोर दिया। डॉ. पोखरियाल ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति एक निष्पक्ष और केवल आंदोलनकारियों के हितों के लिए समर्पित मंच है। इसलिए, संगठन के भीतर कोई भी पदाधिकारी किसी भी राजनीतिक दल या पार्टी विशेष की पैरवी नहीं करेगा। संगठन का हर फैसला दलगत राजनीति से ऊपर उठकर लिया जाएगा।
गंगा घाटी कार्यकारिणी का गठन: इन्हें मिली नई जिम्मेदारी
मुख्य अतिथि और नगर पालिका अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौहान की गरिमामयी उपस्थिति में सर्वसम्मति से गंगा घाटी कार्यकारिणी का पुनर्गठन किया गया। नई टीम में अनुभवी और समर्पित चेहरों को जगह दी गई है, ताकि संगठन के काम को गति मिल सके। सर्वसम्मति से चुनी गई नई कार्यकारिणी की सूची इस प्रकार है:
- अध्यक्ष: विजयपाल सिंह राणा
- जिला मीडिया प्रभारी: कीर्तिनिधि सजवाण
- उपाध्यक्ष: खुशाल सिंह बिष्ट, जयवीर सिंह रांगड़, हेमराज निजोन
- महासचिव: रामलाल नेगी, रामचंद्र नौटियाल
- सचिव: केदार सेमवाल
नई टीम के नवनियुक्त अध्यक्ष विजयपाल सिंह राणा ने शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है, वह उसका पूरी ईमानदारी से निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि गंगा घाटी क्षेत्र के हर एक आंदोलनकारी की आवाज को बुलंद करना और उनकी समस्याओं का समाधान करवाना ही उनकी नई टीम की पहली प्राथमिकता होगी।
बैठक में वरिष्ठ आंदोलनकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
नगर पालिका सभागार में आयोजित इस आवश्यक बैठक में क्षेत्र के कई दिग्गज और वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी मौजूद रहे, जिन्होंने राज्य गठन के समय अपनी सक्रिय भूमिका निभाई थी। बैठक में मुख्य रूप से मोहनानंद बिजल्वाण, मुलायम सिंह चौहान, बचनलाल, चतर सिंह राणा और जगदीश प्रसाद भट्ट आदि ने अपने विचार साझा किए। सभी वरिष्ठों ने नई कार्यकारिणी को अपनी शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि यह नई टीम उत्तराखंड के हक-हकूक की लड़ाई को एक नई दिशा देगी। बैठक का समापन शांतिपूर्ण तरीके से संगठन को आगे बढ़ाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।