नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आई है। कोटाबाग ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम सभा अमोठा पाटकोट में एक बंद पड़े पानी के टैंक के भीतर से एक मानव कंकाल बरामद हुआ है। कंकाल मिलने की इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और स्थानीय ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। शुरुआती जांच और कंकाल की स्थिति को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि यह कंकाल करीब 6 महीने पुराना है। पुलिस ने कंकाल को अपने कब्जे में लेकर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
ग्राम प्रधान की सूचना पर पहुंची पुलिस
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम अमोठा नैनीताल के ग्राम प्रधान जगदीश चंद्र को गांव के ही एक बंद पड़े पानी के टैंक में कुछ संदिग्ध चीज होने की जानकारी मिली थी। जब उन्होंने नजदीक जाकर देखा, तो टैंक के भीतर एक नरकंकाल पड़ा हुआ था। ग्राम प्रधान जगदीश चंद्र ने बिना वक्त गंवाए तुरंत इस मामले की सूचना स्थानीय पुलिस थाने को दी।

पानी के टैंक में कंकाल मिलने की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में भी खलबली मच गई। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक (Sub-Inspector) गणेश जोशी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और बंद पड़े पानी के टैंक से उस मानव कंकाल को बाहर निकाला।
पंचायतनामे की कार्रवाई और डीएनए सैंपलिंग
घटनास्थल पर मुस्तैद पुलिस टीम के उपनिरीक्षक गणेश जोशी ने कानूनी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाते हुए सबसे पहले मौके पर ही शव (कंकाल) के पंचायतनामे की कार्रवाई पूरी की। चूंकि शव पूरी तरह से कंकाल में तब्दील हो चुका है, इसलिए उसकी पहचान कर पाना फिलहाल नामुमकिन है। मृतक महिला है या पुरुष और उसकी उम्र क्या रही होगी, इन सभी सवालों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस वैज्ञानिक तरीकों का सहारा ले रही है।
पुलिस ने पहचान स्थापित करने और मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए कंकाल को अपने कब्जे में ले लिया है। इस कंकाल की डीएनए सैंपलिंग (DNA Sampling) कराई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डीएनए जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही इस बात का खुलासा हो पाएगा कि यह कंकाल किसका है और इसकी मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई थी।
इलाके में रहस्य और अंदेशा
इस घटना के बाद से अमोठा पाटकोट और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर यह कंकाल किसका है और वह बंद टैंक के भीतर कैसे पहुंचा? कंकाल के करीब 6 महीने पुराना होने के कारण पुलिस अब पिछले छह से आठ महीनों के भीतर क्षेत्र से लापता हुए लोगों का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
आसपास के थानों और चौकियों से गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले परिवारों से भी संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है, ताकि इस रहस्यमयी मौत का जल्द से जल्द पर्दाफाश किया जा सके। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है कि यह कोई दुर्घटना थी, आत्महत्या का मामला है या फिर इसके पीछे कोई बड़ी आपराधिक साजिश या हत्या की वारदात छिपी हुई है।