क्राइम फ्री देवभूमि: उधमसिंह नगर SSP अजय गणपति का बड़ा एक्शन, 3 पुलिस टीमों ने 119 हथियार कराए जमा, 678 शस्त्र लाइसेंसों की जांच शुरू
रुद्रपुर/उधमसिंह नगर।उत्तराखंड को अपराध मुक्त बनाने के संकल्प के साथ पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। ‘अपराध मुक्त देवभूमि’ अभियान के तहत अपराधियों और अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में, उधमसिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय गणपति के कुशल निर्देशन में पुलिस ने अवैध हथियारों और संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों के खिलाफ एक बड़ा और व्यापक अभियान छेड़ा है।
इस कार्रवाई से न सिर्फ अपराधियों में हड़कंप मच गया है, बल्कि नियम-कायदों को ताक पर रखकर हथियार रखने वालों पर भी पुलिस का शिकंजा कस गया है।
3 विशेष टीमों का गठन, चलाया गया सघन चेकिंग अभियान
SSP अजय गणपति के सख्त निर्देशों के बाद उधमसिंह नगर जिले में अवैध हथियारों की धरपकड़ और शस्त्रों के दुरुपयोग को रोकने के लिए 3 विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों ने पूरे जिले में एक व्यापक सत्यापन (Verification) अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में मौजूद सभी शस्त्रों की वैधता की जांच करना और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाना था।
पुलिस की इन विशेष टीमों ने अलग-अलग इलाकों में जाकर न सिर्फ भौतिक सत्यापन किया, बल्कि शस्त्र धारकों के रिकॉर्ड को भी खंगाला। इस औचक और गहन चेकिंग अभियान से संदिग्ध तत्वों में खलबली मची हुई है।

94 लाइसेंस पुलिस के कब्जे में, 119 हथियार कराए गए जमा
पुलिस द्वारा चलाए गए इस सघन चेकिंग और सत्यापन अभियान के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आई हैं। उधमसिंह नगर पुलिस विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
- 108 संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस चिन्हित: जांच के दौरान शुरुआती चरण में ही 108 ऐसे शस्त्र लाइसेंस पाए गए, जो संदिग्ध श्रेणी में थे।
- 94 लाइसेंस पुलिस कब्जे में: त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इन 108 संदिग्ध लाइसेंसों में से 94 को तुरंत अपने कब्जे में ले लिया है।
- 119 शस्त्र कराए गए जमा: सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस ने कुल 119 हथियारों (शस्त्रों) को थानों और मालखाने में जमा करवा दिया है।
- क्या ये लाइसेंस सही नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करके जारी किए गए थे?
- क्या लाइसेंस धारक का कोई आपराधिक बैकग्राउंड तो नहीं है?
- क्या शस्त्र का इस्तेमाल किसी गलत या संदिग्ध गतिविधि में किया जा रहा था?
अपराध मुक्त देवभूमि का संकल्प
उधमसिंह नगर पुलिस का साफ कहना है कि इस जांच में जो भी शस्त्र लाइसेंस फर्जी या नियमों के खिलाफ पाया जाएगा, उसे तुरंत निरस्त (Cancel) करने की संस्तुति जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। साथ ही, गलत तरीके से लाइसेंस हथियाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।
SSP अजय गणपति के इस कुशल नेतृत्व और पुलिस टीमों की मुस्तैदी की जनता द्वारा भी सराहना की जा रही है। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से साफ है कि आने वाले दिनों में अपराधियों और अवैध हथियार रखने वालों की खैर नहीं है।