देहरादून/नैनीताल: उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में पर्यटन को एक नई ऊंचाई पर ले जाने और सैलानियों को जाम के झंझट से मुक्ति दिलाने के लिए रानीबाग-भीमताल रोप-वे परियोजना (Ranibagh-Bhimtal Ropeway Project) को लेकर कवायद तेज हो गई है। उत्तराखंड आवास सलाहकार परिषद की उपाध्यक्ष (दर्जा राज्यमंत्री) भावना मेहरा ने गुरुवार को देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने क्षेत्र के विकास और पर्यटन की दृष्टि से इस बेहद महत्वाकांक्षी रोप-वे परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को एक विस्तृत पत्र सौंपा।

7.32 किलोमीटर लंबा होगा रानीबाग-भीमताल रोप-वे
दर्जा राज्यमंत्री भावना मेहरा ने मुख्यमंत्री धामी को अवगत कराया कि प्रस्तावित योजना के तहत रानीबाग से भीमताल तक 7.32 किलोमीटर लंबा रोप-वे विकसित किया जाना तय हुआ है। इस परियोजना के लिए भूमि का चिन्हांकन भी किया जा चुका है, जिसके तहत रानीबाग में 5 हेक्टेयर और भीमताल में 5.536 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है।
इस ड्रीम प्रोजेक्ट की तकनीकी बारीकियों और व्यवहार्यता को परखने के लिए उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UKMRC) को फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया है। कॉर्पोरेशन इस पूरी परियोजना के तकनीकी और आर्थिक पहलुओं का बारीकी से अध्ययन कर रहा है।
कैंची धाम और नैनीताल तक होगा विस्तार, कुल लंबाई होगी 20.64 KM
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका भविष्य में होने वाला विस्तार है। भावना मेहरा ने बताया कि आगामी चरणों में इस रोप-वे का विस्तार बाबा नीम करोली की पावन स्थली ‘कैंची धाम’ और विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी ‘नैनीताल’ तक किए जाने का भी प्रस्ताव है। यदि यह विस्तार योजना धरातल पर उतरती है, तो इस रोप-वे की कुल लंबाई लगभग 20.64 किलोमीटर हो जाएगी। यह न केवल उत्तराखंड बल्कि देश के सबसे लंबे और आकर्षक रोप-वे गलियारों में से एक बनकर उभरेगा, जो पूरे कुमाऊं क्षेत्र के कायाकल्प में मील का पत्थर साबित होगा।
भीमताल-नैनीताल रोड पर जाम की समस्या से मिलेगी बड़ी राहत
गर्मियों के सीजन और वीकेंड पर भीमताल, नैनीताल और कैंची धाम की तरफ आने वाले पर्यटकों को घंटों लंबे ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता है। संकरी पहाड़ी सड़कों पर गाड़ियों के बढ़ते दबाव के कारण स्थानीय निवासियों और सैलानियों दोनों को भारी परेशानी होती है।
भावना मेहरा ने पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को बताया कि इस रोप-वे के निर्माण से भीमताल आने वाले पर्यटकों को एक सुगम, सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त आवागमन की सुविधा मिलेगी। इससे सड़कों पर गाड़ियों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा, जिससे पर्यावरण को भी फायदा होगा और यात्रियों का कीमती समय भी बचेगा।
रोजगार और स्थानीय स्वरोजगार को लगेंगे पंख
पर्यटन उत्तराखंड की आर्थिकी की रीढ़ है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरू होने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी एक बड़ा बूम मिलेगा। दर्जा राज्यमंत्री के अनुसार, रोप-वे बनने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों में भारी इजाफा होगा, जिसका सीधा लाभ स्थानीय होटल व्यवसायियों, होमस्टे संचालकों, टैक्सी ऑपरेटरों, हस्तशिल्प कारीगरों और छोटे-बड़े व्यापारियों को मिलेगा। इससे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार व स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे और युवाओं का पलायन रुकेगा।
भावना मेहरा ने जनहित और उत्तराखंड के पर्यटन विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आग्रह किया है कि वे इस प्रोजेक्ट को गति देने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के त्वरित निर्देश जारी करें। मुख्यमंत्री ने भी इस परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।