रामनगर (उत्तराखंड)। उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन के अग्रणी योद्धा और कर्मचारियों के हक की आवाज बुलंद करने वाले प्रखर नेता पान सिंह नेगी (निवासी: भरतपुरी, रामनगर) अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके आकस्मिक निधन से पूरे क्षेत्र और जन आंदोलनों से जुड़े संगठनों में शोक की लहर है। दिवंगत नेता की स्मृति में मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को रामनगर के भरतपुरी स्थित मंदिर धर्मशाला में एक विशाल एवं गरिमामयी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और कर्मचारी संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, मित्रों और परिजनों ने भारी संख्या में शिरकत कर उन्हें नमन किया।
जन आंदोलनों और कर्मचारियों के हितों को समर्पित था जीवन
श्रद्धांजलि सभा का कुशल संचालन उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी द्वारा किया गया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्वर्गीय पान सिंह नेगी के जीवन संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि पान सिंह नेगी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि अपने आप में एक संस्था थे। उन्होंने उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में अग्रिम पंक्ति में रहकर संघर्ष किया और पुलिसिया दमन का सामना करते हुए भी कभी कदम पीछे नहीं खींचे।
राज्य निर्माण के साथ-साथ कर्मचारी आंदोलनों में भी उनका नेतृत्व ऐतिहासिक रहा। जब भी कर्मचारियों के हितों और अधिकारों पर कोई आंच आई, पान सिंह नेगी सबसे आगे खड़े नजर आए। इसके अलावा, समय-समय पर रामनगर और आसपास के क्षेत्रों में होने वाले विभिन्न सामाजिक सरोकारों और जन आंदोलनों में उन्होंने हमेशा सक्रिय भूमिका निभाई। वक्ताओं ने सर्वसम्मति से कहा कि उनका पूरा जीवन समाज के वंचितों, कर्मचारियों के हितों और जनमुद्दों के लिए पूरी तरह समर्पित रहा।

अपूर्णीय क्षति: जन आंदोलनों का एक मजबूत स्तंभ ढह गया
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने अत्यंत भावुक मन से नेगी जी की पुरानी स्मृतियों को याद किया। वक्ताओं ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पान सिंह नेगी जी का असमय चले जाना जन आंदोलनों, कर्मचारी संगठनों और उनके परिवार के लिए एक ऐसी अपूर्णीय क्षति है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में असंभव है। समाज ने आज एक ऐसा सच्चा सेवक और मार्गदर्शक खो दिया है, जो हमेशा निस्वार्थ भाव से समाज सेवा में जुटा रहता था। सभा के अंत में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए उपस्थित जनसमूह ने 2 मिनट का मौन रखा और उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इन प्रमुख संगठनों और गणमान्य लोगों ने दी श्रद्धांजलि
इस शोक सभा में क्षेत्र के कई प्रमुख जनसंगठनों ने हिस्सा लिया, जिनमें मुख्य रूप से ‘राज्य निर्माण आंदोलनकारी (राज्य सेनानी) मंच, रामनगर’, ‘लखनपुर स्पोर्ट्स क्लब, लखनपुर रामनगर’ और ‘राष्ट्रीय संघर्ष समिति (ईपीएफ 95) उत्तराखंड’ शामिल रहे।
शोक व्यक्त करने और श्रद्धांजलि देने वालों में मुख्य रूप से निम्नलिखित लोग उपस्थित थे:
- प्रमुख सामाजिक और राजनैतिक प्रतिनिधि: चंद्रशेखर जोशी, इंद्र सिंह मनराल, जगत सिंह डोभाल, बृजमोहन सिंह सिजवाली, राजेंद्र कुमार वालिया, मुनीश कुमार, प्रभात ध्यानी, देवेंद्र पांडे, गिरधर सिंह मनराल, जी. डी. रिखारी, सोमनाथ।
- महिला नेतृत्व एवं प्रबुद्ध वर्ग: डॉ. धनेश्वरी घिल्डियाल, सतेश्वरी रावत, कौशल्या, डॉ. निशांत पपनै, मनमोहन अग्रवाल, अनिल अग्रवाल ‘खुलासा’, योगेश सती, नवीन तिवारी, ललित रावत।
- सहयोगी एवं मित्रगण: पुष्कर दुर्गापाल, प्रभुपाल सिंह नेगी, राम सिंह नेगी, मानसिंह बिष्ट, मनोज रावत, सुषमा आदि।

शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया
इस दुख की घड़ी में दिवंगत पान सिंह नेगी जी के परिवार को सांत्वना देने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। श्रद्धांजलि सभा में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती गायत्री देवी, पुत्रियां अनीता व अंजू, और सुपुत्र हर्षवर्धन नेगी सहित उनके समस्त परिजन और मित्रगण उपस्थित रहे। सभी उपस्थित लोगों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और ईश्वर से प्रार्थना की कि वे परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें। वक्ताओं ने कहा कि नेगी जी के अधूरे कार्यों और जन सरोकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।