गंगोत्री (उत्तरकाशी)। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानसूनी सीजन के दौरान यात्रा करना लगातार जोखिम भरा होता जा रहा है। इसी बीच, उत्तरकाशी जिले से एक बड़े हादसे की खबर सामने आ रही है। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भैरवघाटी के पास देर रात एक मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के वक्त मोटरसाइकिल पर बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) के तीन कर्मचारी सवार थे। इस दुर्घटना में दो कर्मचारी तो बाल-बाल बच गए और सुरक्षित हैं, लेकिन एक कर्मचारी अनियंत्रित होकर करीब 200 से 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरा, जो फिलहाल लापता बताया जा रहा है।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और देर रात ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। हालांकि, खराब मौसम और घने अंधेरे के कारण रात को अभियान रोकना पड़ा, जिसे आज सुबह दोबारा शुरू किया गया है।
रात के अंधेरे में हुआ भीषण हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा बुधवार (1 जुलाई 2026) की रात लगभग 11:10 बजे का है। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भैरवघाटी से करीब 3 किलोमीटर आगे गंगोत्री की ओर मोटरसाइकिल संख्या UP-20AN-7785 अचानक अनियंत्रित हो गई। रात का वक्त होने के कारण सड़क पर दृश्यता (विजिबिलिटी) बेहद कम थी, जिसके चलते बाइक सवार संतुलन खो बैठे और मोटरसाइकिल खाई की तरफ पलट गई।
हादसे की सूचना मिलते ही जिला नियंत्रण कक्ष के निर्देश पर स्थानीय थाना पुलिस, SDRF गंगोत्री की टीम और 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
खाई में गिरा बीआरओ का कर्मचारी, दो साथी सुरक्षित
घटनास्थल पर पहुंचे बचाव दल ने जब स्थिति का जायजा लिया, तो पता चला कि मोटरसाइकिल पर कुल तीन लोग सवार थे। गनीमत रही कि दुर्घटना के वक्त दो युवक सड़क के किनारे की ओर ही गिर गए, जिससे उन्हें मामूली चोटें आईं और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।
लापता व्यक्ति की पहचान: 26 वर्षीय श्री सुरेश लामा, पुत्र श्री कुलबहादुर, निवासी नेपाल (हाल निवासी: हिमाचल प्रदेश) के रूप में हुई है। सुरेश लामा मोटरसाइकिल से छिटककर लगभग 200 से 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरे और तब से लापता हैं।
पुलिस प्रशासन के मुताबिक, ये तीनों ही व्यक्ति सीमा सड़क संगठन (BRO 72) में भैरवघाटी क्षेत्र में ही कार्यरत हैं। तीनों देर रात किसी काम से जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। सुरक्षित बचे दोनों साथियों की हालत स्थिर है, लेकिन वे अपने साथी के खाई में गिरने से गहरे सदमे में हैं।
खराब मौसम और घने अंधेरे ने रेस्क्यू में डाली बाधा
रात के वक्त जैसे ही पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची, उन्होंने तुरंत टॉर्च और सर्च लाइटों के सहारे गहरी खाई में उतरकर लापता सुरेश लामा की खोजबीन शुरू की। उत्तरकाशी पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें बेहद मुस्तैदी से काम कर रही थीं।
लेकिन, उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में इन दिनों हो रही लगातार बारिश और रात के 2:30 बज जाने के कारण रेस्क्यू टीमों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एक तरफ जहां घने अंधेरे के कारण खाई की तलहटी तक देख पाना असंभव हो रहा था, वहीं लगातार हो रही वर्षा से चट्टानों के खिसकने और पैर फिसलने का खतरा भी बढ़ गया था। प्रतिकूल परिस्थितियों और रेस्क्यू टीम की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, अधिकारियों ने रात करीब 2:30 बजे सर्च ऑपरेशन को अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्णय लिया।
आज सुबह से दोबारा शुरू हुआ खोज अभियान
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार (2 जुलाई 2026) की सुबह होते ही पुलिस और SDRF की संयुक्त टीम ने पूरे लाव-लश्कर और आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल पर दोबारा मोर्चा संभाल लिया है। गहरी खाई और उसके आस-पास के नदी-नालों वाले क्षेत्रों में लापता सुरेश लामा की गहनता से तलाश की जा रही है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि उनकी प्राथमिकता लापता युवक को जल्द से जल्द ढूंढ निकालना है।
यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए प्रशासन की अपील
मानसून की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड के चारधाम रूटों (विशेषकर गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे) पर लैंडस्लाइड (भूस्खलन) और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। रात के समय पहाड़ों में सफर करना सबसे ज्यादा जोखिम भरा माना जाता है।
उत्तरकाशी जिला प्रशासन और पुलिस ने इस हादसे के बाद एक बार फिर स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे रात के समय, विशेषकर भारी बारिश के दौरान, पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने से बचें। वाहनों की गति सीमा पर नियंत्रण रखें और केवल बेहद जरूरी होने पर ही देर रात सफर करें, ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके।
रिपोर्ट: कीर्ति निधि सजवान, उत्तरकाशी।