चमोली टनल हादसा: टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान जारी, मुख्यमंत्री धामी ने अंतरराज्यीय समन्वय से संभाली कमान
देहरादून/चमोली:उत्तराखंड के चमोली जनपद अंतर्गत मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी (THDC) की निर्माणाधीन टनल में अचानक मलबा और पानी भरने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही राज्य प्रशासन हरकत में आया और प्रभावित श्रमिकों के जीवन की रक्षा के लिए बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
टनल के भीतर फंसे श्रमिकों में उत्तराखंड के अलावा अन्य पड़ोसी राज्यों के मजदूर भी शामिल हैं। इसी सिलसिले में पुष्कर सिंह धामी ने झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से फोन पर दूरभाष वार्ता की और उन्हें घटनास्थल की ताज़ा स्थिति और अब तक किए गए प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी।

16 श्रमिकों का सुरक्षित रेस्क्यू, शेष के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बातचीत में पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि टनल में मलबा और पानी घुसने के तुरंत बाद राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने मोर्चेबंदी संभाली। युद्धस्तर पर चलाए गए इस रेस्क्यू ऑपरेशन के शुरुआती दौर में ही 16 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टनल के अंदर फंसे शेष अन्य प्रभावित मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अत्याधुनिक मशीनों और विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। रेस्क्यू टीमें दिन-रात एक करके मलबे को हटाने और जलभराव की निकासी के काम में जुटी हुई हैं।
घायलों के लिए सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा और रेफरल की व्यवस्था
सुरक्षित निकाले गए 16 श्रमिकों और अन्य प्रभावितों के इलाज को लेकर राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है। रेस्क्यू किए गए सभी श्रमिकों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका गहन चिकित्सकीय परीक्षण और इलाज जारी है।
प्रशासन की ओर से अस्पताल में दवाओं, विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम, उपयुक्त आवास और पौष्टिक भोजन सहित सभी बुनियादी आवश्यकताओं की पुख्ता व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही यह निर्देश भी दिए गए हैं कि यदि किसी श्रमिक की हालत गंभीर पाई जाती है या उसे उच्च चिकित्सा संस्थान (हायर सेंटर) में रेफर करने की जरूरत पड़ती है, तो उसके लिए एयर एम्बुलेंस अथवा तत्काल परिवहन की पूरी व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की जाएगी।
पड़ोसी राज्यों के साथ निरंतर समन्वय, परिवारों को दिया भरोसा
पुष्कर सिंह धामी ने झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों को आश्वस्त किया कि उत्तराखंड सरकार दूसरे राज्यों से आए प्रत्येक श्रमिक और उनके परिजनों की सुरक्षा को अपनी प्राथमिक नैतिक जिम्मेदारी मानती है। संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है।
दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को यह भरोसा भी दिलाया गया कि उत्तराखंड आपदा नियंत्रण कक्ष के माध्यम से रेस्क्यू ऑपरेशन और घायलों की स्वास्थ्य स्थिति से जुड़ी हर पल की जानकारी (रियल-टाइम अपडेट्स) साझा की जा रही है। किसी भी राज्य के प्रतिनिधि या परिजनों के लिए संपर्क और सहायता केंद्र भी सक्रिय कर दिए गए हैं।
“मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि”: पुष्कर सिंह धामी
हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार के लिए मानव जीवन की सुरक्षा सबसे ऊपर है। पूरा प्रशासनिक तंत्र, पुलिस और आपदा मोचन बल पूरी तत्परता के साथ धरातल पर डटे हुए हैं। जब तक आखिरी प्रभावित श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालकर उसका समुचित इलाज नहीं करा लिया जाता, तब तक राहत एवं बचाव अभियान बिना रुके जारी रहेगा।
वर्तमान में पीपलकोटी मायापुर टनल स्थल पर भारी जल निकासी पंपों और मलबा हटाने वाली मशीनों के जरिए कार्य में तेजी लाई जा रही है, और उच्चाधिकारी लगातार जमीनी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।