रामनगर।नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र के टेड़ा गांव स्थित कार्बेट फन रिसॉर्ट में 24 जून 2026 को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब एक गेस्ट के साथ आए दो युवकों द्वारा मारपीट और अभद्रता किए जाने की सूचना डायल 112 के माध्यम से पुलिस को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही संबंधित पुलिस थाना से उपनिरीक्षक राजकुमारी, अपर उपनिरीक्षक दिगंबर कापड़ी, महिला कांस्टेबल रेशू, कांस्टेबल जसवीर सहित अन्य पुलिस कर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे।
पुलिस के मौके पर पहुंचने के बावजूद दोनों युवक लगातार हो-हल्ला और हंगामा करते रहे तथा समझाने के बाद भी शांत नहीं हुए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में लेकर थाने लाया।
इसके बाद शिकायतकर्ता मुकेश जोशी पुत्र देवी दत्त जोशी, निवासी रानीबाग नैनीताल द्वारा संबंधित पुलिस थाने में लिखित तहरीर दी गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि उनके साथ उपरोक्त तीन व्यक्तियों द्वारा मारपीट की गई। इस आधार पर पुलिस ने प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) संख्या 199/26 दर्ज की। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 351(3) और 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामले की जांच के दौरान मौके पर पहुंची उपनिरीक्षक राजकुमारी द्वारा भी एक अलग तहरीर दी गई। इस तहरीर में आरोप लगाया गया कि उपरोक्त तीनों अभियुक्तों द्वारा पुलिस कर्मियों के साथ गाली-गलौज, मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डाली गई। इसके साथ ही एक होटल मैनेजर के साथ भी मारपीट किए जाने की बात सामने आई।
तहरीर के अनुसार, जब उपनिरीक्षक राजकुमारी द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया, तो आरोपी अविनाश ने पीछे से आकर उन पर कथित रूप से हमला किया। आरोप है कि अविनाश ने उपनिरीक्षक के गले और सीने को दोनों हाथों से पकड़ने की कोशिश की, जिससे सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई और पुलिस कर्मियों की सुरक्षा पर गंभीर स्थिति बन गई।
इस गंभीर घटना के आधार पर संबंधित पुलिस थाने में एक और FIR संख्या 200/26 दर्ज की गई है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 74, 115(2), 132, 351(3) और 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने आरोपी अविनाश को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की गहन जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था भंग करने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि पर्यटन स्थलों पर इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है, क्योंकि एक पर्यटन स्थल पर इस तरह की मारपीट और पुलिस पर हमले की घटना से स्थानीय लोगों और पर्यटकों में चिंता बढ़ गई है।