बाजपुर: बन्नाखेड़ा बल्ली बैरियर पर गुलदार दिखने से हड़कंप, तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल; वन विभाग अलर्ट
बाजपुर (उधम सिंह नगर)। उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष की आहट तेज हो गई है। जनपद उधम सिंह नगर के बाजपुर क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ बन्नाखेड़ा बल्ली बैरियर के पास रविवार को उस समय अचानक हड़कंप मच गया, जब सड़क के ठीक किनारे एक विशालकाय गुलदार (Leopard) चहलकदमी करता हुआ दिखाई दिया। घनी आबादी वाले क्षेत्र के इतने करीब गुलदार के नजर आने से वहाँ से गुजर रहे राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई है।
गुलदार को सड़क किनारे देखकर यातायात कुछ समय के लिए थम गया और लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो उठे। हालांकि, इस डर के बीच कुछ लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए दूर से ही गुलदार की तस्वीरें अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लीं। अब ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां किया आंखों देखा हाल, थम गए वाहनों के पहिये
चश्मदीदों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार को बन्नाखेड़ा बल्ली बैरियर के पास झाड़ियों से निकलकर एक गुलदार अचानक मुख्य सड़क के किनारे आ गया। वह कुछ देर तक वहीं झाड़ियों के आसपास बेखौफ होकर घूमता रहा। गुलदार को देखकर सड़क के दोनों ओर से आ रहे वाहन चालकों ने समझदारी दिखाई और तुरंत अपने-अपने वाहनों को रोक लिया। लोग सुरक्षित दूरी बनाकर वन्यजीव की गतिविधियों का जायजा लेते रहे।
कुछ मिनटों तक सड़क किनारे रहने के बाद गुलदार धीरे-धीरे वापस घने जंगल की ओर चला गया। भले ही गुलदार जंगल के भीतर लौट गया हो, लेकिन उसके आबादी के पास आने की खबर पूरे बाजपुर और रुद्रपुर क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। घटना की भनक लगते ही आसपास के गांवों में डर का माहौल व्याप्त हो गया है।
ग्रामीणों में दहशत का माहौल, एक-दूसरे को फोन कर किया सतर्क
इस घटना के बाद से बन्नाखेड़ा और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है। लोगों ने वन्यजीव के खतरे को देखते हुए तुरंत अपने सगे-संबंधियों और ग्रामीणों को फोन कर घटना की जानकारी दी और सतर्क रहने की सलाह दी।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी कई बार जंगली जानवरों की आवाजाही देखी गई है, लेकिन मुख्य सड़क और बैरियर जैसी व्यस्त जगह पर गुलदार का इस तरह सरेआम दिखना बेहद चिंताजनक है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि इस क्षेत्र में तुरंत पिंजरा लगाया जाए और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
सुबह और शाम के समय न निकलें अकेले: ग्रामीणों से विशेष अपील
सुरक्षा के मद्देनजर स्थानीय प्रबुद्ध जनों और ग्राम प्रधानों ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। ग्रामीणों को मुख्य रूप से निम्नलिखित दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है:
- अकेले बाहर न निकलें: सुबह और शाम के समय, जब गुलदार सबसे अधिक सक्रिय होते हैं, खेतों या जंगल से सटे इलाकों में अकेले जाने से बचें।
- बच्चों की सुरक्षा: छोटे बच्चों को किसी भी हाल में घर से बाहर अकेला न छोड़ें और उन्हें हमेशा बड़ों की निगरानी में रखें।
- लाठी-डंडा रखें साथ: यदि किसी आपातकालीन स्थिति में सुनसान रास्तों से गुजरना पड़े, तो समूह में निकलें और अपने साथ लाठी, डंडा या टॉर्च जरूर रखें।
वन विभाग हुआ अलर्ट, रेंजर उमाशंकर तिवारी ने दिए कड़े निर्देश
गुलदार दिखने की आधिकारिक सूचना मिलते ही वन विभाग का महकमा भी पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए वन विभाग के अधिकारी (रेंजर) उमाशंकर तिवारी ने बताया कि बन्नाखेड़ा बैरियर के पास गुलदार की सक्रियता को देखते हुए क्षेत्र में वन कर्मियों की गश्त (Patrolling) बढ़ाने के सख्त दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
वन विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में कॉम्बिंग और गश्त कर रही हैं ताकि गुलदार की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा सके। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि गुलदार दोबारा आबादी की तरफ रुख करता है या किसी के लिए खतरा बनता है, तो उच्च अधिकारियों की अनुमति से सर्च अभियान चलाकर उसे ट्रेंकुलाइज करने या पिंजरा लगाने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
लापरवाही पड़ सकती है भारी, वन विभाग की आम जनता से अपील
वन अधिकारी उमाशंकर तिवारी ने आम जनता और राहगीरों से अपील करते हुए कहा कि वे सोशल मीडिया पर फोटो और पोस्ट डालने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें। उन्होंने कहा, “अक्सर देखा जाता है कि गुलदार या किसी अन्य वन्यजीव के दिखने पर लोग तस्वीरें खींचने के लिए उसके बहुत नजदीक चले जाते हैं। ऐसी थोड़ी-सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। वन्यजीव को उकसाने या घेरने का प्रयास बिल्कुल न करें।”
वन विभाग ने साफ किया है कि यदि किसी भी नागरिक को दोबारा गुलदार या कोई अन्य हिंसक जानवर दिखाई देता है, तो उसकी तुरंत सूचना स्थानीय पुलिस या वन विभाग के कंट्रोल रूम को दें, ताकि समय रहते त्वरित कार्रवाई की जा सके। फिलहाल, प्रशासन ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।