उत्तराखंड की बेटी तिला सेन ने रचा इतिहास, आईटीबीपी की महिला टीम ने माउंट एवरेस्ट पर फहराया तिरंगा
उत्तराखंड की बेटी ने रचा इतिहास: आईटीबीपी की महिला टीम ने माउंट एवरेस्ट पर फहराया तिरंगा, खटीमा की तिला सेन ने बढ़ाया देश का मान
खटीमा/ऊधमसिंह नगर:उत्तराखंड की बेटियों ने एक बार फिर वैश्विक पटल पर राज्य का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज कराया है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की पहली सर्व-महिला एवरेस्ट अभियान टीम ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक विजय प्राप्त कर नया इतिहास रच दिया है। इस गौरवशाली अभियान दल में उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र खटीमा की बेटी तिला सेन ने शामिल होकर पूरे प्रदेश और देश का सिर फखर से ऊंचा कर दिया है। तिला सेन की इस अभूतपूर्व सफलता पर क्षेत्र और उनके परिवार में जश्न का माहौल है।

कठिन मौसम और दुर्गम रास्तों को दी मात
दुनिया की सबसे ऊंची और चुनौतीपूर्ण चोटी पर तिरंगा फहराने का यह सफर बेहद जोखिम भरा था। आईटीबीपी की इस पहली सर्व-महिला एवरेस्ट अभियान टीम ने रीढ़ कपा देने वाली ठंड, विपरीत मौसम और बेहद दुर्गम रास्तों को पार करते हुए 8,848 मीटर की ऊंचाई पर फतह हासिल की।
इस ऐतिहासिक मिशन की शुरुआत 19 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली से हुई थी। इस पूरे अभियान दल में कुल 14 सदस्य शामिल थे, जिनमें से 11 जांबाज महिला पर्वतारोही थीं। टीम ने नेपाल के सबसे खतरनाक और कठिन माने जाने वाले ‘साउथ कोल रूट’ से अपनी चढ़ाई शुरू की थी। अद्भुत साहस, कड़े अनुशासन और अटूट हौसले का परिचय देते हुए टीम लगातार आगे बढ़ती रही।

21 मई की सुबह रचा गया नया इतिहास
इस अभियान दल की समयरेखा और मुख्य पड़ाव नीचे दी गई तालिका में देखे जा सकते हैं:
| अभियान का चरण | मुख्य विवरण |
|---|---|
| मिशन की शुरुआत | 19 अप्रैल 2026 (नई दिल्ली से रवानगी) |
| कुल सदस्य संख्या | 14 सदस्य (11 महिला पर्वतारोही शामिल) |
| चुना गया रूट | नेपाल का अत्यंत कठिन ‘साउथ कोल रूट’ |
| ऐतिहासिक पल | 21 मई 2026, सुबह ठीक 6:52 बजे |
| सफलता का मुकाम | दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8,848 मीटर) |
21 मई 2026 की सुबह ठीक 6:52 बजे जैसे ही पहली टीम ने एवरेस्ट के शिखर पर कदम रखा, वैसे ही देश के पर्वतारोहण इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया। टीम के सदस्यों ने शिखर पर पहुंचते ही गर्व के साथ भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और आईटीबीपी का ध्वज लहराया।

खटीमा के चारुबेटा की रहने वाली हैं तिला सेन
इस ऐतिहासिक दल का हिस्सा रहीं तिला सेन उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के अंतर्गत सीमांत क्षेत्र खटीमा के चारुबेटा की निवासी हैं। उनके पिता मदन लाल और माता-पिता ने अपनी बेटी को देश की सेवा और पर्वतारोहण के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए हमेशा प्रेरित किया।
तिला सेन ने अपनी कड़ी मेहनत, कठोर प्रशिक्षण और अटूट संकल्प के बल पर इस मुकाम को हासिल किया है। एक बेहद साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर देश का प्रतिनिधित्व करना उत्तराखंड की युवा पीढ़ी के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।
क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर:
तिला सेन की इस ऐतिहासिक उपलब्धि की खबर जैसे ही उनके गृह जनपद ऊधमसिंह नगर और खटीमा क्षेत्र में पहुंची, वैसे ही उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और खेल प्रेमियों ने तिला सेन और उनके माता-पिता को इस गौरवशाली पल के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
देश और बल का गौरव बढ़ाया
आईटीबीपी की महिला पर्वतारोहियों ने इस मिशन को सफलतापूर्वक पूरा कर यह साबित कर दिया है कि देश की बेटियां किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं। अत्यधिक ऊंचाई पर कम ऑक्सीजन, तेज बर्फीली हवाओं और एवलांच के खतरों के बीच इस दल ने अपनी मानसिक और शारीरिक क्षमता का लोहा मनवाया।

यह पहली बार है जब हिमवीरों की इस प्रतिष्ठित वाहिनी से केवल महिलाओं की एक विशेष टीम ने एवरेस्ट फतह करने का यह विशिष्ट कीर्तिमान स्थापित किया है। तिला सेन और उनकी पूरी टीम की इस सफलता पर पूरे उत्तराखंड को गर्व है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों के आगे कभी घुटने नहीं टेके और एवरेस्ट के शिखर पर तिरंगा फहराकर देश की आन-बान-शान को और बढ़ा दिया।
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