रामनगर/उत्तरकाशी: नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र के चिल्किया गाँव से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। विश्व प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेक (Dayara Bugyal Trek) पर गई चिल्किया गाँव की एक 30 वर्षीय महिला ट्रेकर पिछले तीन दिनों से रहस्यमय तरीके से लापता है। इस घटना की जानकारी मिलते ही रामनगर और चिल्किया क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद से ही उत्तरकाशी स्थानीय प्रशासन, वन विभाग, पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने संयुक्त रूप से इलाके में एक व्यापक खोज एवं बचाव (Search and Rescue) अभियान शुरू कर दिया है। हालांकि, लगातार तीसरे दिन भी लापता युवती का कोई सुराग नहीं मिलने से परिजनों और प्रशासन की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।

गोई कैंप क्षेत्र से लापता हुई ट्रेकर बबिता पांडे
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लापता महिला ट्रेकर की पहचान बबिता पांडे (उम्र 30 वर्ष)पुत्री गोपाल पांडे के रूप में हुई है, जो कि रामनगर के चिल्किया गाँव की रहने वाली है। बबिता एक स्थानीय ट्रेकिंग एजेंसी के माध्यम से 10 सदस्यीय ट्रेकर्स दल के साथ दयारा बुग्याल की खूबसूरत वादियों का दीदार करने उत्तरकाशी पहुंची थी। यह दल दयारा क्षेत्र में ट्रेकिंग और कैंपिंग के लिए आया हुआ था।
बताया जा रहा है कि बीती शुक्रवार (29 मई) की रात को यह ट्रेकर्स दल गोई कैंप क्षेत्र (Goi Camp Area) में ठहरा हुआ था। रात के समय सभी लोग अपने-अपने टेंट में सो रहे थे। इसी दौरान देर रात बबिता पांडे अचानक अपने टेंट से बाहर निकलीं, लेकिन उसके बाद वह वापस नहीं लौटीं। सुबह जब काफी देर तक वह दिखाई नहीं दीं, तो दल में हड़कंप मच गया।

सुबह टेंट में नहीं मिलने पर मचा हड़कंप, प्रशासन को दी सूचना
शनिवार (30 मई) की सुबह जब ट्रेकिंग एजेंसी के गाइड और दल के अन्य सदस्यों ने बबिता को कैंप में नहीं पाया, तो उन्होंने अपने स्तर पर आसपास के इलाकों में उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन और आवाजें लगाने के बाद भी जब बबिता का कहीं कोई सुराग नहीं मिला, तो मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना तुरंत वन विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी गई।
जैसे ही उत्तरकाशी जिला प्रशासन को रामनगर की महिला ट्रेकर के लापता होने की खबर मिली, प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आ गया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तत्काल एक संयुक्त रेस्क्यू टीम का गठन किया गया और गोई कैंप के लिए रवाना किया गया।

दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों में दिन-रात सर्च ऑपरेशन जारी
लापता बबिता पांडे की तलाश के लिए वन विभाग, पुलिस और SDRF की संयुक्त टीमें गोई कैंप, दयारा बुग्याल समेत आसपास के घने जंगलों, संकरे पैदल मार्गों और गहरी खाइयों जैसे संभावित क्षेत्रों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।बबीता को खोजने के लिए ड्रोन का भी सहारा लिया जा रहा है।
चुनौतियां: उत्तरकाशी का यह क्षेत्र बेहद दुर्गम पहाड़ी इलाका है। इसके साथ ही पहाड़ों में मौसम की अनिश्चित परिस्थितियां और अचानक होने वाली बर्फबारी या बारिश रेस्क्यू टीम के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। इन सबके बावजूद, खोज दल दिन-रात युवती की तलाश में जुटे हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर खोज अभियान का दायरा और बढ़ाया जाएगा और अत्याधुनिक उपकरणों या हेलीकॉप्टर की मदद भी ली जा सकती है।
बाकी ट्रेकर्स को गोई कैंप में ही रोका गया: वन विभाग
इस संवेदनशील घटना की पुष्टि करते हुए रेंज अधिकारी टकनौर, रूपमोहन नौटियाल ने बताया कि:
“लापता महिला ट्रेकर की तलाश के लिए सभी संबंधित विभागों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। खोज अभियान लगातार जारी है और हर उस संभावित स्थान पर तलाश की जा रही है जहां ट्रेकर के जाने की आशंका है। सुरक्षा के मद्देनजर और जांच को आगे बढ़ाने के लिए ट्रेकिंग दल के अन्य सभी सदस्यों को फिलहाल गोई कैंप में ही रोका गया है। उनसे भी घटना के संबंध में कड़ी पूछताछ की जा रही है और जानकारी जुटाई जा रही है कि रात में आखिर क्या हुआ था।”

चिल्किया गाँव में सुरक्षा के लिए उठ रहे दुआओं के हाथ
रामनगर के चिल्किया गाँव की बेटी के इस तरह अचानक पहाड़ी ट्रेक से लापता होने की खबर के बाद से स्थानीय लोग गहरे सदमे में हैं। गाँव के लोग और बबिता के दोस्त लगातार उत्तरकाशी प्रशासन और रेस्क्यू टीमों के संपर्क में बने हुए हैं। इस घटना ने एक बार फिर से पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रेकिंग एजेंसियों के सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, बबिता पांडे के परिवार वाले और चिल्किया के तमाम ग्रामीण उनकी सुरक्षित वापसी के लिए लगातार प्रार्थना कर रहे हैं।