देहरादून। उत्तराखंड के सभी जिलों में देर रात से हो रही मुसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की वजह से सड़कें बंद हो रही हैं, तो वहीं मैदानी और निचले इलाकों में जलभराव ने लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। उत्तरकाशी में गंगोत्री नेशनल हाईवे पर हेल्गूगाड़ के पास भीषण भूस्खलन के कारण पहाड़ से बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा सड़क पर आ गिरा। इसके चलते हाईवे पूरी तरह ठप हो गया है और सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई हैं। घटना की जानकारी मिलते ही बीआरओ (BRO) की टीम ने राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है।

घरों में घुसा पानी, चानचक में तीन मकान ढहे
राजधानी देहरादून में बारिश के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। चंद्रबनी इलाके में बारिश का पानी 80 से ज्यादा घरों में घुस गया, जिससे 200 से अधिक लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। वहीं, कारगी क्षेत्र के चानचक में नदी किनारे बने तीन मकान तेज बहाव और कटाव के कारण ताश के पत्तों की तरह ढह गए।
दूसरी तरफ, हरिद्वार की मुख्य सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रुड़की की कई प्रमुख सड़कें भी जलभराव की वजह से तालाब में तब्दील हो चुकी हैं।

1,400 से ज्यादा गांवों में बिजली गुल, स्कूल बंद
लगातार हो रही बारिश और जगह-जगह भूस्खलन की वजह से राज्य का बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रदेश के 1,400 से ज्यादा गांवों में बिजली की आपूर्ति ठप हो गई है, जिससे हजारों लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। खराब मौसम और हादसों के खतरे को देखते हुए बागेश्वर जिले में 12वीं तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा पिथौरागढ़ जिले में प्री-प्राइमरी से लेकर 8वीं कक्षा तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।

तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट, पहाड़ों पर भूस्खलन का खतरा
मौसम विभाग ने राज्य के बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चमोली जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इसके अतिरिक्त देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और चंपावत में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है, जबकि अन्य जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले यात्रियों और वाहन चालकों के लिए प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है। भूस्खलन और बोल्डर गिरने के बढ़ते खतरे को देखते हुए लोगों से बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करने और सतर्क रहने की अपील की गई है।

देहरादून में तापमान गिरा, मौसम हुआ सुहावना
देहरादून और आसपास के इलाकों में देर रात से रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। आज शहर का अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दिनभर बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश के एक से दो तीव्र दौर आ सकते हैं।

अगले तीन दिनों के मौसम का पूर्वानुमान:
- 11 अगस्त: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। पर्वतीय क्षेत्रों में आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र दौर की संभावना है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी मेघगर्जन की चेतावनी दी गई है।
- 12 अगस्त: देहरादून, टिहरी और बागेश्वर में यलो अलर्ट जारी रहेगा। पहाड़ों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश की आशंका जताई गई है।
- 13 अगस्त: देहरादून, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। राज्य के सभी पर्वतीय इलाकों में बिजली गिरने और तेज बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।