उत्तराखंड SIR का तीसरा चरण शुरू: 1.07 लाख मतदाताओं के नाम पर आपत्ति, वोटर लिस्ट में नाम बनाए रखना बड़ी चुनौती
देहरादून। उत्तराखंड में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के दूसरे चरण की समयसीमा खत्म होते ही अब तीसरे और सबसे अहम चरण का आगाज हो चुका है। 14 जुलाई से 13 अगस्त तक चले दूसरे चरण के दौरान प्रदेशभर से कुल 2 लाख 83 हजार 890 दावे और आपत्तियां विभिन्न माध्यमों के जरिए निर्वाचन आयोग को मिली हैं। तीसरे चरण की शुरुआत के साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ अहम बैठक कर नियमों की बारीक जानकारी साझा की है।
आंकड़ों के मुताबिक, दूसरे चरण में प्राप्त हुए कुल आवेदनों में से फॉर्म-6 के तहत 1.28 लाख, फॉर्म-7 के तहत 1.07 लाख और फॉर्म-8 के तहत 47 हजार आवेदन दर्ज किए गए हैं। सबसे ज्यादा चिंता का विषय 1.07 लाख मतदाताओं के लिए है, जिनके नाम को मतदाता सूची से हटाने के लिए आपत्तियां (फॉर्म-7) दाखिल की गई हैं। अब तीसरे चरण में इन सभी मतदाताओं की साख और उनका मताधिकार दांव पर है।

नोटिस और सुनवाई की सख्त प्रक्रिया
एसआईआर के तीसरे चरण में ईआरओ (ERO) और एईआरओ (AERO) के स्तर से उन सभी मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं जिनके नाम पर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। इसके साथ ही आपत्ति दर्ज कराने वाले व्यक्ति (आपत्तिकर्ता) को भी नोटिस जारी किया जाएगा।
अधिकतर मामलों में यह आपत्ति जताई गई है कि संबंधित मतदाता उस पते पर अब निवास नहीं करता, कहीं और चला गया है या फिर वह क्षेत्र का मूल निवासी नहीं है। ऐसे में अगर किसी नागरिक को बीएलओ के जरिए ‘फॉर्म-10’ का नोटिस मिलता है, तो उसे तय समय में ईआरओ या एईआरओ के समक्ष उपस्थित होकर अपने निवास और पहचान के ठोस दस्तावेज पेश करने होंगे। इसी तरह, आपत्ति दर्ज कराने वाले को भी यह साबित करना होगा कि उसकी आपत्ति का आधार क्या है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बुलाई सर्वदलीय बैठक
तीसरे चरण की गंभीरता को देखते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने शुक्रवार को प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में एसआईआर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और दावे-आपत्तियों के सही निस्तारण को लेकर चर्चा की गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम 1960 और ‘मैनुअल ऑफ इलेक्टोरल रोल’ में दर्ज कानूनी प्रावधानों की बिंदुवार जानकारी दी।
राजनीतिक दलों से BLA की सक्रियता की अपील
मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने राजनीतिक दलों से विशेष आग्रह किया कि वे इस प्रक्रिया के दौरान अपने बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) को पूरी तरह सक्रिय रखें। उन्होंने कहा कि निस्तारण की यह प्रक्रिया निष्पक्ष और सटीक तभी हो सकती है जब बीएलए की सक्रिय भागीदारी हो।
वर्तमान में निर्वाचन विभाग द्वारा प्राप्त हुए फॉर्म 6, 7 और 8 को तेजी से डिजिटाइज करने का काम जारी है। आने वाले दिनों में नोटिस की तामीली और सुनवाई की प्रक्रिया तेज होगी, जिससे यह साफ हो पाएगा कि मतदाता सूची में कितने नए नाम जुड़ेंगे और कितनों के नाम खारिज किए जाएंगे।