रामनगर (उत्तराखंड):प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय आबादी को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में कार्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन ने एक बेहतरीन पहल की है। कार्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला रेंज स्थित ढेला गांव में 9 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक 7 दिवसीय विशेष ‘महिला प्रशिक्षण वेलफेयर डेवलपमेंट’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुष्कर सोसाइटी रामनगर के सौजन्य से संचालित इस प्रशिक्षण शिविर का मुख्य मकसद ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना और वनों पर उनकी निर्भरता को कम करना है।

कौशल विकास से पंख फैलाएंगी ग्रामीण महिलाएं
इस 7 दिवसीय आवासीय एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण शिविर के दौरान ढेला गांव की 10 चुनिंदा महिलाओं को जूट के इको-फ्रेंडली बैग बनाने का गहन प्रशिक्षण दिया गया। आधुनिक डिजाइन और मजबूत जूट बैग बनाने की बारीकियां सीखकर महिलाएं अब घर बैठे ही स्वरोजगार का जरिया तलाश सकेंगी। इस पहल से न केवल ग्रामीण महिलाओं की घरेलू आय में इजाफा होगा, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और उद्यमिता की भावना भी मजबूत होगी।

मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम में साबित होगा मददगार
कार्बेट नेशनल पार्क के आसपास बसे गांवों में मानव और हिंसक वन्यजीवों के बीच आमना-सामना एक बड़ी चुनौती रहा है। अक्सर गांव की महिलाएं मवेशियों के लिए चारा लेने, सूखी लकड़ियां और ईंधन एकत्र करने के लिए जंगलों के भीतर तक जाती हैं, जिससे हादसों का जोखिम बना रहता है।
इस प्रशिक्षण के माध्यम से जब महिलाओं को गांव में ही रोजगार और आय का स्थाई जरिया मिलेगा, तो उनकी वनों पर निर्भरता में भारी कमी आएगी। जब ग्रामीण महिलाएं जंगल जाने के बजाय स्थानीय स्तर पर जूट बैग निर्माण और मार्केटिंग से जुड़ेंगी, तो मानव और वन्यजीवों के बीच होने वाले टकराव में भी स्वाभाविक रूप से गिरावट आएगी। यह कदम पर्यावरण और इंसानी सुरक्षा दोनों के लिहाज से मील का पत्थर माना जा रहा है।

समारोहपूर्वक बांटे गए प्रमाण पत्र
15 अगस्त 2026 को प्रशिक्षण शिविर के सफल समापन पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी बिन्दरपाल ने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाली सभी महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं में सीमा देवी, राधा देवी, नीता गिरी, कंचन बिष्ट, तनुजा रौतेला, ममता बंगारी, सविता देवी और रजनी देवी प्रमुख रूप से शामिल रहीं।
कार्यक्रम के दौरान ढेला की ग्राम प्रधान आशा रावत ने कार्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन और पुष्कर सोसाइटी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के रोजगारपरक अभियानों से गांव की महिलाओं का जीवन स्तर सुधरेगा। इसके साथ ही उन्होंने कार्बेट प्रशासन से मांग की कि भविष्य में भी ढेला गांव की अन्य महिलाओं के लिए हस्तशिल्प और उत्पाद निर्माण से जुड़े ऐसे प्रशिक्षण शिविर लगातार आयोजित किए जाते रहें।

कार्यक्रम में कई हस्तियां रहीं मौजूद
समापन समारोह के दौरान वन विभाग और सामाजिक संगठन के कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। इनमें ढेला के वन क्षेत्राधिकारी नवीन चन्द्र पाण्डे, पुष्कर सोसाइटी की डायरेक्टर पूनम गुप्ता, मुख्य प्रशिक्षक नीतू चौहान एवं बुशरा, उपराजिक ओमप्रकाश जोशी, वन दरोगा नवीनचन्द्र पपनै, सरत बिष्ट, विनोद बिष्ट, वन आरक्षी स्वाति एवं मनवर सिंह तथा स्थानीय निवासी प्रताप रावत सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।