रामनगर (उत्तराखंड)। कॉर्बेट नेशनल पार्क से सटे रामनगर के गर्जिया इलाके में दोपहर के समय उस वक्त अचानक हड़कंप मच गया, जब एक विशालकाय बाघ जंगलों से निकलकर सीधे आबादी वाले नेशनल हाईवे पर आ धमका। बाघ ने दिन के उजाले में बेखौफ अंदाज में एक घोड़े पर जानलेवा हमला बोला और उसे पलक झपकते ही अपना निवाला बना लिया। इतना ही नहीं, शिकार करने के बाद बाघ भारी-भरकम घोड़े को घसीटते हुए वापस कॉर्बेट के घने जंगलों की ओर ले गया।
दिनदहाड़े हाईवे और आबादी के बिल्कुल पास हुई इस खौफनाक वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकलने में डर रहे हैं।
झूला पुल चौराहे के पास हाईवे पर मचा हड़कंप
यह सनसनीखेज घटना गर्जिया क्षेत्र के झूला पुल चौराहे के पास स्थित पुराने गर्जिया टूरिज्म जोन गेट के समीप, नेशनल हाईवे-309 पर घटी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कल दोपहर करीब 1:30 बजे अचानक जंगल की तरफ से एक भारी-भरकम बाघ हाईवे के किनारे आ पहुंचा। सड़क किनारे मौजूद घोड़े पर बाघ ने इतनी फुर्ती से झपट्टा मारा कि उसे संभलने तक का मौका नहीं मिला।
बाघ जब घोड़े को दबोचकर घसीट रहा था, तब आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाकर और चीख-पुकार कर बाघ को डराने की कोशिश भी की, लेकिन शिकारी बाघ के चेहरे पर कोई खौफ नहीं दिखा। वह आसानी से अपने शिकार को खींचते हुए झाड़ियों और घने जंगल में ओझल हो गया। इस घटना का वीडियो और फोटो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों की भी सांसें अटका दी हैं।
आबादी के मुहाने पर बाघ, मानव-वन्यजीव संघर्ष की नई घंटी
गर्जिया और झूला पुल चौराहा रामनगर का अत्यंत व्यस्त इलाका माना जाता है। यहाँ दिन-रात स्थानीय निवासियों, श्रद्धालुओं और कॉर्बेट घूमने आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों की भारी चहल-पहल रहती है। प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर के पास होने के कारण इस मार्ग पर लोग पैदल भी आवाजाही करते हैं।
ऐसे में मुख्य हाईवे और आबादी के मुहाने पर बाघ का इस तरह खुलेआम घूमना और शिकार करना, क्षेत्र में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक बेहद गंभीर और डरावनी तस्वीर पेश करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसी इंसान की जान पर भी बन सकती है।
वन विभाग ने बढ़ाई गश्त, जारी की अलर्ट चेतावनी
घटना की सूचना मिलते ही रामनगर वन प्रभाग की टीम तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। क्षेत्र में बाघ की मूवमेंट को देखते हुए वन कर्मियों की गश्त और चौकसी बढ़ा दी गई है।
रामनगर वन प्रभाग के रेंज अधिकारी कृष्णा सिंह मेहरा ने बताया कि वन विभाग की टीम लगातार इलाके में निगरानी रख रही है और ट्रैकिंग के जरिए बाघ की सटीक लोकेशन ट्रेस करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वन विभाग ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से सतर्क रहने की सख्त अपील की है।
अधिकारियों ने साफ तौर पर हिदायत दी है कि झूला पुल चौराहे और जंगल से सटे क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से आवाजाही न करें, खासकर पैदल चलने से बचें। बाघ की इलाके में सक्रिय मौजूदगी को देखते हुए थोड़ी सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
ग्रामीणों में रोष, चौबीसों घंटे गश्त और फेंसिंग की मांग
इस घटना के बाद से गर्जिया, ढिकुली और रामनगर के आसपास के ग्रामीण इलाकों में चिंता और खौफ का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि कॉर्बेट पार्क के आसपास बाघ और अन्य हिंसक वन्यजीवों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं।
स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि वन विभाग महज हिदायत देने तक सीमित न रहे, बल्कि संवेदनशील इलाकों में सोलर फेंसिंग, स्ट्रीट लाइट और 24 घंटे गश्त की पुख्ता व्यवस्था करे, ताकि आबादी वाले इलाकों को सुरक्षित बनाया जा सके। फिलहाल, वन विभाग की टीमें अलर्ट मोड पर हैं और इलाके पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।