उत्तरकाशी | देवभूमि उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा का शंखनाद होने जा रहा है। आगामी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलते ही आस्था का महाकुंभ शुरू हो जाएगा। इस बार की यात्रा को न केवल सुगम, बल्कि ‘भव्य और दिव्य’ बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है।
DM का सख्त संदेश: “सुविधाओं में कोताही बर्दाश्त नहीं”
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अधिकारियों के साथ हाई-लेवल समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर कोई भी लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को देवभूमि में अतिथि देवो भव: का वास्तविक अनुभव हो।
अनोखी पहल: बेजुबानों के लिए सोलर गीजर और घाटों पर सुरक्षा घेरा
इस बार की यात्रा में कुछ खास और आधुनिक बदलाव देखने को मिलेंगे:
- गर्म पानी की सुविधा: यमुनोत्री मार्ग पर पहली बार मुख्य घोड़ा पड़ावों पर सोलर गीजर लगाए जा रहे हैं, ताकि यात्रा के मुख्य आधार रहे घोड़ों को गर्म पानी मिल सके।
- अभेद सुरक्षा: गंगा और यमुना के पावन स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मजबूत चेन लगाई जाएंगी और स्वच्छता के लिए विशेष टीमें तैनात रहेंगी।
हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर: हर कदम पर मिलेगी चिकित्सीय मदद
स्वास्थ्य के मोर्चे पर CMO बी.एस. रावत ने मोर्चा संभाल लिया है। यात्रियों की सेहत पर पैनी नज़र रखने के लिए:
- गंगोत्री मार्ग पर हिना और यमुनोत्री मार्ग पर बड़कोट में अत्याधुनिक स्क्रीनिंग और हेल्थ चेकअप सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं।
- यात्रा रूट पर डॉक्टरों की अतिरिक्त तैनाती और दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया गया है।
युद्धस्तर पर जारी है ‘मिशन हाईवे’
स्थानीय रोजगार और बुनियादी ढांचे को लेकर गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने प्रशासन से संवाद किया। वर्तमान में यमुनोत्री नेशनल हाईवे और गंगोत्री हाईवे पर पैच वर्क और मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है, ताकि श्रद्धालुओं का सफर सुहाना और सुरक्षित रहे।
प्रमुख आकर्षण और मुख्य जानकारी
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| शुभ शुभारंभ | 19 अप्रैल (अक्षय तृतीया) |
| हेल्थ स्क्रीनिंग | हिना और बड़कोट (विशेष केंद्र) |
| नया प्रयोग | घोड़ों के लिए सोलर गीजर की सुविधा |
| सड़क अपडेट | नेशनल हाईवे पर मरम्मत का काम जारी |
रिपोर्ट: कीर्ति निधि सजवान, उत्तरकाशी।

